अभिषेक बनर्जी से ED ने की पूछताछ, TMC सांसद बोले- जांच एजेंसियां बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है

<p style="text-align: justify;"><strong>ED Questions Abhishek Banerjee:</strong> पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी आज कथित कोयला घोटाला के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. उनसे लंबी पूछताछ चली. इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि एजेंसी बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ”मैंने बिना कोई बहाना बनाए ईडी के साथ सहयोग किया है. ये जांच एजेंसियां बीजेपी की तानाशाही में काम कर रही है. चूंकि वे लोकतांत्रिक तरीके से टीएमसी का मुकाबला करने में विफल हो रहे हैं, इसलिए वे विपक्ष को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.”</p> <p style="text-align: justify;">तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव को दिल्ली स्थित केन्द्रीय जांच एजेंसी के नए कार्यालय में सुबह करीब 11 बजे प्रवेश करते देखा गया. अधिकारियों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी का बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.</p> <p style="text-align: justify;">अभिषेक और उनकी पत्नी रुजिरा से पश्चिम बंगाल में किथित कोयला घोटाला से संबंधित धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है. डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी से इस मामले में पिछले साल सितंबर में भी एक बार पूछताछ की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली के लिए रवाना होते हुए बनर्जी ने रविवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा था कि केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार, पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को स्वीकार नहीं कर पा रही है और अपने राजनीतिक हितों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल कर रही है.</p> <p style="text-align: justify;">रुजिरा भी उनके साथ दिल्ली पहुंची हैं. एजेंसी के उनसे मंगलवार को पूछताछ करने की उम्मीद है. बनर्जी और उनकी पत्नी ने पहले ईडी द्वारा दिल्ली तलब किए जाने के खिलाफ अदालत का रुख किया था. याचिका में कहा गया था कि दोनों पश्चिम बंगाल के निवासी हैं, इसलिए एजेंसी द्वारा उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में पेश होने के लिए नहीं बुलाया जाए. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 मार्च को उनकी याचिका खारिज कर दी थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="’85 फीसदी से ज्यादा किसान संगठन कृषि कानूनों के पक्ष में थे’- SC की कमेटी के सदस्य का दावा" href="https://www.abplive.com/news/india/supreme-court-committee-member-claims-more-than-85-7-farmers-organization-supports-farmers-laws-2085740" target="">’85 फीसदी से ज्यादा किसान संगठन कृषि कानूनों के पक्ष में थे’- SC की कमेटी के सदस्य का दावा</a></strong></p>

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