असम-मेघालय ने 6 स्थानों पर सीमा विवाद सुलझाया, अमित शाह ने बताया पूर्वोत्तर के लिए ‘ऐतिहासिक दिन’

<p style="text-align: justify;">पूर्वोत्तर के असम और मेघालय राज्य के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद को लेकर 12 में से 6 विवादित मुद्दों पर आज दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किए. केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई इस बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. इस दौरान अमित शाह ने कहा कि जब तक राज्यों के बीच विवाद नहीं सुलझता और सशस्त्र समूहों का सरेंडर नहीं होता तब तक नॉर्थ ईस्ट का विकास संभव नहीं है. उधर असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा सरमा ने इस बात को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा.</p> <p style="text-align: justify;">असम और मेघालय के बीच स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही सीमा विवाद चला आ रहा था. यह सीमा विवाद इतना खतरनाक रूप धारण कर चुका था कि दोनों राज्यों के बीच सशस्त्र संघर्ष भी होने लगे थे और बीते साल के दौरान दोनों राज्यों ने एक दूसरे के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बाकायदा आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज किया था. जिसके चलते दोनों राज्यों पर प्रशासनिक संकट भी खड़ा हो गया था. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में इस विवाद को सुलझाने के लिए अनेक फैसले लिए गए और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जल्द से जल्द इस विवाद को सुलझाने के लिए कहा.</p> <p style="text-align: justify;">आपसी बातचीत के बाद आज दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में विवादित 12 में से छह मुद्दों पर आपसी समझौता किया. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 50 साल पुराना एक और विवाद इस समझौते के साथ हल होने जा रहा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अमित शाह ने कहा कि बहुत कम समय में आज असम और मेघालय के बीच 12 में से 6 मुद्दों पर समझौता हुआ है और दोनों राज्यों के बीच लगभग 70 प्रतिशत सीमा विवादमुक्त हो गई है. उन्होंने कहा जब तक राज्यों के बीच विवाद नहीं सुलझते, सशस्त्र समूहों का सरेंडर नहीं होता, तब तक नार्थईस्ट का विकास संभव नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में शांति लाने के लिए अनेक कदम उठाती रही है इसके तहत त्रिपुरा में उग्रवादियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अगस्त, 2019 में NLFT (SD) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जिसने त्रिपुरा को एक शांत राज्य बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया. फिर 23 साल पुराने ब्रू-रियांग शरणार्थी संकट को हमेशा के लिए हल करने के लिए 16 जनवरी, 2020 को एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इसके अंतर्गत 37,000 से ज़्यादा आदिवासी भाई-बहन जो कठिन जीवन जी रहे थे, वो आज सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;">शाह ने कहा कि 27 जनवरी 2020 को हस्ताक्षरित बोडो समझौता किया गया जिसने असम के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए 50 साल पुराने बोडो मुद्दे को हल किया. असम और भारत सरकार ने इस समझौते की 95 प्रतिशत शर्तों को पूरा कर लिया है और आज बोडोलैंड एक शांत क्षेत्र के रूप में जाना जाता है और विकास के रास्ते पर अग्रसर है. 4 सितंबर, 2021 को असम के कार्बी क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे विवाद को हल करने के लिए कार्बी-आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इसके अंतर्गत लगभग 1000 से अधिक &nbsp;हथियारबंद कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि 2019 से 2022 तक 6900 से ज़्यादा हथियारबंद कैडर ने आत्मसमर्पण किया और लगभग 4800 से ज़्यादा हथियार प्रशासन के सामने सरेंडर किए गए. ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वहीं दूसरी तरफ असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्वा सरमा ने इस विवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक चले आ रहे विवाद के लिए कांग्रेस पूरी तरह से जिम्मेदार है और इस विवाद को पहले ही खत्म हो जाना चाहिए था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वहीं दूसरी तरफ मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों की जनता के बीच खुशियां बढ़ेगी. भले ही इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच 70% विवाद सुलझाने का दावा किया जा रहा हो लेकिन सच्चाई यही है कि विवादित 12 मुद्दों में से 6 मुद्दे अभी भी बाकी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने कहा कि इन छह मुद्दों को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बातचीत लगातार जारी रहेगी और आने वाले समय में इन मुद्दों को भी सुलझा लिया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="CM ममता के समर्थन में उतरे शरद पवार, बोले- BJP सियासी बदले के लिए कर रही CBI-ED का इस्तेमाल" href="https://www.abplive.com/news/india/ncp-leader-sharad-pawar-backs-joint-opposition-action-against-use-of-cbi-ed-raids-for-political-vendetta-2091202" target="">CM ममता के समर्थन में उतरे शरद पवार, बोले- BJP सियासी बदले के लिए कर रही CBI-ED का इस्तेमाल</a></strong></p>

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Team My Nation News
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