आसनसोल उपचुनाव में शत्रु बनाम मित्रा की लड़ाई! ये सीट कभी नहीं जीत पाई TMC, बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत

<p style="text-align: justify;"><strong>Asansol by-election 2022:</strong> पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े शहरों में से एक आसनसोल अगले सप्ताह लोकसभा उपचुनाव में अपने सांसद के लिए मतदान करेगा. मंगलवार को होने वाले उपचुनाव में तृणमूल उम्मीदवार अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा का सामना बीजेपी के अग्निमित्रा पॉल से है, जो डिजाइनर से विधायक बनी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">उपचुनाव 12 अप्रैल को होने हैं और मतगणना 16 अप्रैल को होगी. राज्य के विभिन्न इलाकों में चुनावी सफलता का स्वाद चखने के बावजूद तृणमूल कभी भी आसनसोल से जीत नहीं पाई है. आसनसोल संसदीय सीट पिछले साल बाबुल सुप्रियो के बीजेपी सांसद के पद से इस्तीफा देने और ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा का वचन देते हुए तृणमूल कांग्रेस में जाने के बाद खाली हो गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अग्निमित्रा खुद को ‘आसनसोल की बेटी’ कहती हैं</strong></p> <p style="text-align: justify;">तृणमूल ने पहले कभी आसनसोल सीट नहीं जीती है, लेकिन उम्मीद है कि 2019 में बीजेपी छोड़ने वाले तेजतर्रार पूर्व फिल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा निर्वाचन क्षेत्र में गैर-बंगाली आबादी में प्रभाव बनाएंगे. सिन्हा के बीजेपी प्रतिद्वंद्वी खुद को ‘आसनसोल की बेटी’ कहती हैं. बीजेपी ने अपने तीखे प्रचार अभियान में कई स्टार प्रचारकों को निर्वाचन क्षेत्र में भेजा है, जिनमें बंगाली कलाकार भी शामिल हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिहारी बाबू’ नहीं हैं, एक ‘बंगाली बाबू’ भी हैं- सिन्हा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीजेपी ने ममता बनर्जी पर आसनसोल प्रतियोगिता में एक बाहरी व्यक्ति को लाने का आरोप लगाया, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा कहते हैं कि वह अब केवल ‘बिहारी बाबू’ नहीं हैं, बल्कि एक ‘बंगाली बाबू’ भी हैं. वे अक्सर अपने प्रचार भाषणों में बंगाली में टूट जाते हैं. वे कहते हैं, "अब बिहारी बाबू के साथ मैं बंगाली बाबू भी हूं. ममता बनर्जी ने मुझे फोन किया और मुझे बंगाली में कहा, ‘आप आसनसोल से चुनाव लड़ेंगे, आप ना नहीं कह सकते हैं."</p> <p style="text-align: justify;">’बाहरी’ कहे जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मुझे यकीन है कि यहां कांग्रेस और वामपंथी उम्मीदवार भी खुद को आसनसोल के पुत्र कह सकते हैं. मैं भारत का पुत्र हूं. मुझे बंगाल से गहरा लगाव है और यहां बहुत सारी फिल्में की है." उन्होंने आगे कहा, "अगर मैं यहां बाहरी हूं, तो वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी क्या हैं? अगर मैं बाहरी हूं, तो क्या मोदी अंदरूनी हैं?" सिन्हा ने कहा कि उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में बंगाली सीखी है.</p> <p style="text-align: justify;">ममता बनर्जी की प्रशंसा करते हुए सिन्हा ने कहा, "वह आज हवाई चप्पल की रानी, सूती साड़ी की रानी और खेला होबे के निर्माता से सबसे अधिक प्रभावित हैं, देखिए कैसे जब मोदी जी ने उन्हें चुनौती दी, तो ममता जी ने कहा ‘खेला होबे’ और यहां तक कि व्हीलचेयर में भी खेला जाता था." बीजेपी के स्टार प्रचारकों का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा, "आप सभी लोगों को हर समय बेवकूफ नहीं बना सकते." हालांकि, बीजेपी को आसनसोल में एक और सीधी जीत का भरोसा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>’शत्रुघ्न सिन्हा ने बॉलीवुड में योगदान दिया है'</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, शत्रुघ्न सिन्हा की प्रतिद्वंदी अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "मैं घर की बेटी (बेटी) हूं. मैंने यहां एक साल काम किया है. शत्रुघ्न सिन्हा ने बॉलीवुड में योगदान दिया है, लेकिन राजनीति में उनका कोई योगदान नहीं है. एक व्यक्ति जो तीन दलों को बदल सकता है, आम आदमी ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करता."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आसनसोल सीट पर कब किस पार्टी ने दर्ज की जीत</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि 1957 से 1967 तक आसनसोल लोकसभा सीट कांग्रेस की थी. 1967 से 1971 तक लोकसभा क्षेत्र संयुक्ता सोशलिस्ट पार्टी के नियंत्रण में था. 1971 से 1980 तक सीपीआई (एम) ने इस सीट पर कब्जा कर लिया. इससे पहले कि कांग्रेस ने वापसी की और 1989 तक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र का आयोजन किया. 1989 से 2014 तक यह सीट सीपीआई (एम) की थी. 2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की, जब बाबुल सुप्रियो आसनसोल से चुने गए. सुप्रियो ने 2019 में फिर से बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की, जिसके बाद वे <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री भी बने.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि, पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद सुप्रियो ने बीजेपी छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. आसनसोल लोकसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया, जिससे उपचुनाव जरूरी हो गया. वहीं, तृणमूल विधायक सुब्रत मुखर्जी के आकस्मिक निधन से बल्लीगंज विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव कराना पड़ा, जिनका नवंबर 2021 में निधन हो गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-&nbsp;</strong></p> <p><a title="&lt;strong&gt;अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले पाक संसद में हाई वोल्टेज ड्रामा, चले जुबानी तीर, अब तक क्या-क्या हुआ?&lt;/strong&gt;" href="https://www.abplive.com/news/world/pakistan-political-crisis-no-confidence-motion-in-pakistan-parliament-2098587" target=""><strong>अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले पाक संसद में हाई वोल्टेज ड्रामा, चले जुबानी तीर, अब तक क्या-क्या हुआ?</strong></a></p> <p><a title="&lt;strong&gt;Russia Ukraine War: यूक्रेन के जिस रेलवे स्टेशन पर गिरी थी मिसाइल, उस पर रूसी भाषा में लिखा था- ये बच्चों के लिए&lt;/strong&gt;" href="https://www.abplive.com/news/world/russia-ukraine-war-railway-station-in-ukraine-on-which-the-missile-fell-was-written-in-russian-on-it-for-children-2098452" target=""><strong>Russia Ukraine War: यूक्रेन के जिस रेलवे स्टेशन पर गिरी थी मिसाइल, उस पर रूसी भाषा में लिखा था- ये बच्चों के लिए</strong></a></p>

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Team My Nation News
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