कड़े संघर्ष के बाद कश्मीर की बिलकीस मीर ने हासिल किया अनोखा मुकाम, 19वें एशियाई खेलों में होंगी जज

<p style="text-align: justify;">कश्मीर की महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं. इसकी एक मिसाल 33 वर्ष की महिला खिलाड़ी बिलकीस मीर हैं, जो न सिर्फ कश्मीर बल्कि पूरे देश की पहली ओलंपिक लेवल की महिला कयाकिंग-कैनोइंग कोच हैं. बिलकीस मीर को चीन में होने वाले 19वें एशियाई खेलों का जज नियुक्त किया गया है. बिलकीस दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय जल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में जज होंगी और वह किसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में जज बनने वाली पहली कश्मीरी महिला हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बिलकीस मीर ने 1998 में एक साधारण लड़की की तरह वॉटर स्पोर्ट्स में अपना करियर शुरू किया और तब से आसमान की ऊंचाइयों को छू लिया है. बिलकीस ने कई अंतरराष्ट्रीय जल क्रीड़ा स्पर्धाओं में भाग लिया और 6 स्वर्ण और 16 अन्य पदक जीते. देश को गर्व महसूस कराने वाली बिलकीस मीर ने नवोदित कश्मीरी खिलाड़ियों के बीच वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके प्रशिक्षण में कई खिलाड़ियों ने अपने देश के लिए ख्याति अर्जित की है.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2022/03/02/8b243b44674e2621cc44c9b522547338_original.jpg" /></p> <p style="text-align: justify;">एक और मील का पत्थर जोड़ते हुए बिलकीस मीर को अब आगामी 19वें एशियाई खेलों के लिए घाटी से पहली महिला जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जो इस साल के अंत में चीन में आयोजित की जाएगी. यह दूसरी बार होगा जब बिलकीस इतने बड़े खेल आयोजन में कयाकिंग और कैनोइंग में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को जज करेंगी. बिलकीस का कहना है कि यह उनके और कश्मीर घाटी की महिलाओं के लिए गर्व का क्षण है.</p> <p style="text-align: justify;">बिलकीस मीर विश्व प्रसिद्ध डल झील में सैकड़ों लड़कों और लड़कियों को प्रशिक्षित करती हैं और पिछले 4-5 वर्षों के प्रशिक्षण में जम्मू-कश्मीर की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर 82 पदक जीते हैं. बिलकीस का सपना है कि उसके छात्र भी उसकी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वॉटर स्पोर्ट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें. एशियाई खेलों में जज के रूप में नियुक्त किए जाने को लेकर उनके छात्र भी उतने ही उत्साहित हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बिलकीस की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी. पुराने विचारों वाले एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी बिलकीस तीन बहनों में से एक हैं. परिवार में कोई लड़का ना होने के कारण घर परिवार पर दबाव पहले से ही था और इस के बीच में १९९८ में जब बिलकीस ने श्रीनगर की डल झील में बने वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कदम रखा और अपनी कड़ी मेहनत से आज इस मुकाम पर पहुंच गयी हैं. बिलकीस का कहना है कि कश्मीर की लड़कियां किसी भी मैदान में लड़कों से कम नहीं हैं, लेकिन ज़रूरत है तो उन्हें प्रोत्साहित करने की. इससे वह कश्मीर और देश के वॉटर स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों को विश्व के नक़्शे पर जगह दिला पाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a title="रूस-यूक्रेन युद्ध पर जर्मनी की हुंकार, कहा- पुतिन ने झूठ बोला, UN में दुनिया को कायम करनी चाहिए मिसाल" href="https://www.abplive.com/news/india/russia-ukraine-war-german-ambassador-to-india-walter-lindner-the-world-needs-to-set-an-example-in-the-un-general-assembly-2072689" target="">रूस-यूक्रेन युद्ध पर जर्मनी की हुंकार, कहा- पुतिन ने झूठ बोला, UN में दुनिया को कायम करनी चाहिए मिसाल</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पीएम मोदी ने की पोलैंड के राष्ट्रपति से बात, पुराने संबंधों का दिया हवाला, भारतीयों की मदद पर जानें और क्या कहा" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-talked-to-the-president-of-poland-and-referred-to-old-relations-2072742" target="">पीएम मोदी ने की पोलैंड के राष्ट्रपति से बात, पुराने संबंधों का दिया हवाला, भारतीयों की मदद पर जानें और क्या कहा</a></strong></p>

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Team My Nation News
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