जेएनयू विवाद पर राहुल गांधी का बयान, बताया ये तीन चीजें कर रही हैं देश को कमजोर

<p style="text-align: justify;">जेएनयू के मेस विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं, इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस संबंध में बयान जारी किया है. राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए सोमवार को कहा कि नफरत, हिंसा और अलगाव भारत को कमजोर कर रहे हैं तथा ऐसे में न्यायप्रिय और समावेशी भारत के लिए खड़े होने की जरूरत है. उन्होंने राम नवमी पर देश के कुछ स्थानों तथा यहां जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की.</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, &lsquo;&lsquo;नफरत, हिंसा और अलगाव हमारे प्रिय देश को कमजोर कर रहे हैं. भाईचारे, शांति और सद्भाव के माध्यम से प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है. आइए, न्यायप्रिय और समावेशी भारत को सुरक्षित करने के लिए साथ खड़े होते हैं.&rsquo;&rsquo; वहीं दूसरी ओर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने कहा कि परिसर में किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्रों को ऐसी किसी भी घटना में शामिल नहीं होना चाहिए जिससे शांति एवं सद्भाव भंग हो.</p> <p style="text-align: justify;">परिसर में कथित तौर पर मांसाहारी खाने को लेकर जेएनयू हिंसा पर महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए. जेएनयू में जो हुआ वह गलत है. लैंगिक समानता और मौखिक स्वच्छता के मुद्दों पर बात की जानी चाहिए. वहीं विश्वविद्यालय के कावेरी छात्रावास में वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से संबद्ध दो समूहों के बीच &lsquo;मेस&rsquo; में रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहारी भोजन को लेकर रविवार को झड़प हो गई थी. पुलिस ने बताया कि घटना में छह छात्र घायल हुए हैं. रजिस्ट्रार ने छात्रों से एक आधिकारिक अपील में कहा, &lsquo;&lsquo; घटना को गंभीरता से लेते हुए कुलपति, रेक्टर व अन्य अधिकारियों ने छात्रावास का दौरा कर छात्रों से मुलाकात की. कुलपति ने उनसे कहा कि परिसर में किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और छात्रों को शांति तथा सद्भाव बनाए रखना चाहिए.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo; जेएनयू प्रशासन, परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा के प्रति &lsquo;कतई बर्दाश्त नहीं&rsquo; के अपने संकल्प को दोहराता है. छात्रों को ऐसी घटनाओं में शामिल होने से बचने की भी चेतावनी दी जाती है जिससे परिसर में शांति और सद्भाव भंग हो. यदि कोई इस तरह के कृत्य में लिप्त पाया जाता है तो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.&rsquo;&rsquo; पुलिस के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:&nbsp;<a title="Explained: JNU विवाद मामले में FIR दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला, क्यों आमने-सामने आए ABVP और लेफ्ट के छात्र" href="https://www.abplive.com/news/india/explainer-fir-registered-in-jnu-case-know-what-is-the-whole-matter-why-abvp-and-left-students-came-face-to-face-ann-2099635" target="">Explained: JNU विवाद मामले में FIR दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला, क्यों आमने-सामने आए ABVP और लेफ्ट के छात्र</a></strong></p>

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Team My Nation News
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