टीईएस राघवन को मिला हिंदी भाषा के लिए अनुवाद का साहित्य अकादमी पुरस्कार

<p style="text-align: justify;"><strong>TES Raghavan gets Sahitya Akademi Award:</strong> साहित्य अकादमी ने आज अपने प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से अनुवाद के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है. कुल 24 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई है. साल 2020 के लिए कहानी, उपन्यास और कविता के क्षेत्र में साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा होना अभी बाक़ी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हिंदी के लिए- टीईएस राघवन</strong></p> <p style="text-align: justify;">साल 2020 के लिए हिंदी भाषा में अनुवाद का साहित्य अकादमी पुरस्कार टीईएस राघवन को दिया गया है. टीईएस राघवन ने तिरुक्कल नाम के तमिल कविता संग्रह का अनुवाद इसी शीर्षक से हिंदी में किया है. &nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अंग्रेज़ी के लिए- श्रीनाथ पेरूर</strong></p> <p style="text-align: justify;">अंग्रेज़ी &nbsp;साल 2020 के लिए &nbsp;अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद का साहित्य अकादमी पुरस्कार श्रीनाथ पेरूर को दिया गया है. श्रीनाथ पेरूर ने घाचर घोचर नाम के कन्नड़ उपन्यास का अनुवाद इसी शीर्षक से अंग्रेज़ी में किया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बांग्ला भाषा के लिए- पुष्पितो मुखोपाध्याय</strong></p> <p style="text-align: justify;">साल 2020 के लिए &nbsp;बांग्ला भाषा में अनुवाद का साहित्य अकादमी पुरस्कार पुष्पितो मुखोपाध्याय को दिया गया है. पुष्पितो मुखोपाध्याय ने उर्दू की किताब ख़ूतूत-ए-ग़ालिब का अनुवाद ग़ालिब पत्राबली शीर्षक से बांग्ला में किया है. &nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मराठी के लिए- सोनाली नवांगुल</strong></p> <p style="text-align: justify;">साल 2020 के लिए &nbsp;मराठी भाषा में अनुवाद का साहित्य अकादमी पुरस्कार सोनाली नवांगुल को दिया गया है. सोनाली नवांगुल ने तमिल उपन्यास इरंदम जामथिन कथाई का अनुवाद मध्यरात्रिनंतरचे तास शीर्षक से मराठी में किया है. &nbsp;&nbsp;</p>

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Team My Nation News
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