मोहन भागवत ने कहा- नई पीढ़ी को इतिहास जानना चाहिए, समाज को जोड़ने वाली भाषा होनी चाहिए

<p>आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता के लिए कड़ा संघर्ष शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास जानना चाहिए. एकात्मकता की पहली शर्त होती है भेदरहित समाज. उन्होंने कहा कि हजारों मील दूर से मुट्ठीभर लोग आए और हराकर चले गए.</p> <p>आरएसएस के 96वें स्थापना दिवस पर संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि स्वतंत्र भारत का चित्र कैसा हो इसकी, भारत की परंपरा के अनुसार, समान की कल्पनाएं मन में लेकर, देश के सभी क्षेत्रों से सभी जातिवर्गों से नकले वीरों ने तपस्य, त्याग और बलिदान के हिमालय खड़े किए. उन्होंने कहा कि देश का विभाजन दुख इतिहास है.</p>

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Team My Nation News
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