रतलाम में पैदा हुआ दो सिर और तीन हाथ वाला बच्चा, डॉक्टर बोले- जीवन लंबा नहीं

<p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ऐसे बच्चे का जन्म हुआ है जिसके दो सिर और तीन हाथ हैं. इस नवजात बच्चे को सोमवार को इंदौर के एमवाई अस्पताल में लाया गया, जहां अभी उसका इलाज बाल रोग विभाग के आईसीयू में किया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दो चेहरों के पीछे है तीसरा हाथ</strong><br />नवजात का तीसरा हाथ दो चेहरों के पीछे की ओर है. इस बच्चे को जन्म के बाद कुछ देर के लिए रतलाम के एसएनसीयू में रखा गया था. वहां से बच्चे को एमवाई अस्पताल इंदौर रेफर कर दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डॉक्टर बोले- नवजात का जीवन लंबा नहीं</strong><br />नवजात बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर ब्रजेश लाहोटी ने बताया, "दंपति की यह पहली संतान है. इससे पहले सोनोग्राफी रिपोर्ट में पता चला था कि दो बच्चे हैं. यह एक दुर्लभ मामला है, उनका जीवन बहुत लंबा नहीं है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बच्चे को है डाइसेफेलिक पैरापैगस बीमारी</strong><br />उन्होंने आगे बताया कि बच्चे के शरीर का कुछ हिस्सा आम है. बच्चे की दो रीढ़ की हड्डी और एक पेट है. यह एक बहुत ही जटिल स्थिति है. उन्होंने बताया कि बच्चे को डाइसेफेलिक पैरापैगस नामक बीमारी है. डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने आगे बताया कि बच्चे का वजन करीब 3 किलो है और बच्चे के शरीर में हलचल हो रही है. हालांकि, बच्चा नाजुक स्थिति में है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रतलाम में ही भर्ती है बच्चे की मां</strong><br />नवजात बच्चे की मां अभी रतलाम के एसएनसीयू अस्पताल में ही भर्ती हैं. एसएनसीयू के इन्चार्ज डॉ. नावेद कुरैशी ने बताया कि बच्ची की स्थिति नाजुक हैं. ऐसे मामलों में बच्चे या तो गर्भ में ही मर जाते हैं या फिर जन्म के 48 घंटों के भीतर मर जाते हैं. हालांकि ऐसे मामलों में सर्जरी का विकल्प होता है लेकिन फिर भी ऐसे 60 से 70 फीसदी बच्चे जीवित नहीं रहते.</p>

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Team My Nation News
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