ट्रामा सेंटर सुविधा के शुरू होने का इंतज़ार कर रहे जनपदवासियों को मिली निराशा, प्रशासन ने स्टाफ की कमी का रोना रोया

119.26 लाख रुपये की लागत से बने इस ट्रामा सेंटर  (Trauma Center in Sultanpur) पर जनपदवासियों का कहना है कि अगर स्टाफ की व्यवस्था नही है तो बिल्डिंग बनाकर, इक्विपमेंट मंगाकर उसे सड़ाने की जरूरत क्या थी

संवाददाता: मयंक शुक्ला

सुलतानपुर। जिले में पांच वर्ष पूर्व निर्मित ट्रामा सेंटर (Trauma Center in Sultanpur) में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने के सम्बंध में प्रधानमंत्री को लिखे मांगपत्र के जवाब में मिली प्रतिक्रिया से ट्रामा सेंटर सुविधा के शुरू होने का इंतज़ार कर रहे जनपदवासियों को फिर से निराशा मिली है।

दरअसल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा उत्तर प्रदेश सरकार और अपरनिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण अयोध्या मंडल को पत्र लिखकर सूचित किया कि स्टाफ की कमी की वजह से ट्रामा सेंटर में आपात सेवाएं आरम्भ नही हो सकी हैं।

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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा लिखा गया पत्र जिसके माध्यम से महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा उत्तर प्रदेश सरकार और अपरनिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण अयोध्या मंडल को सूचित किया गया कि स्टाफ की कमी की वजह से ट्रामा सेंटर में आपातकालीन सेवाएं आरम्भ नही हो सकी हैं

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बताते चलें कि इसके पूर्व 26 सितंबर 2019 को भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने ऐसे ही एक मांग पत्र के जवाब में शासन को स्टाफ की कमी से सम्बंधित पत्र प्रेषित कर चुके हैं। ट्रामा सेंटर (Trauma Center in Sultanpur) में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने जैसे महत्वपूर्ण जनहित के कार्य मे शासन प्रशासन का यह रवैया अत्यंत निराशाजनक और जिलेवासियों को हतोत्साहित करने वाला है।

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एक वर्ष से लगातार ट्रामा सेंटर (Trauma Center in Sultanpur) में आपातकालीन सेवा आरम्भ किये जाने की लड़ाई लड़ रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने कहा कि ट्रामा सेंटर (Trauma Center in Sultanpur) में आपातकालीन सेवा आरम्भ न हो पाने के कारण आपात परिस्थितियों में जिलेवासियों को 140 किलोमीटर दूर ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।

1 साल से लगातार हम ट्रामा सेंटर में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने की लगातार मांग कर रहे हैं और मामले को टेबल से दूसरे टेबल तक घुमाया जा रहा है। शासन प्रशासन की यह संवेदनहीनता कदाचित गलत है। इस प्रकार की संवेदनहीनता करने वाले लोगों को उचित दण्ड दिया जाना चाहिये।

श्री सिंह ने आगे कहा कि मैंने इस बात की शिकायत पुनः प्रधानमंत्री पोर्टल पर कर दी है। साथ ही महानिदेशक और अपरनिदेशक अयोध्या मंडल को मेल करके इस बात की जानकारी भी दे दी है। और मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रामा सेंटर में आपातकालीन सेवा आरम्भ की जाए।

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इसके पहले भी कई बार इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र द्वारा ट्रामा सेंटर (Trauma Center in Sultanpur) की आपातकालीन सेवा आरंभ करने की मांग की गयी है हालांकि हर बार जनपदवासियों को सिर्फ निराशा ही हाँथ लगी है।

ट्रामा सेंटर में आपात कालीन सेवा आरम्भ करने के सम्बंध में 8 महीने के अंतराल पर दो बार मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने शासन प्रशासन से स्टाफ की कमी होने का रोना रोया है। जनपदवासियों का कहना है कि अगर स्टाफ की व्यवस्था नही है तो शासन और प्रशासन द्वारा 119.26 लाख रुपये की लागत से बने इस ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग बनाकर, इक्विपमेंट मंगाकर उसे सड़ाने की जरूरत क्या थी? इस मामले को एक बार फिर से प्रधानमंत्री को सम्बंधित मांग पत्र उनके पोर्टल द्वारा प्रेषित किया गया है।

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