Covid Hospital Bills

Covid Hospital Bills: नोएडा के अस्पतालों को लौटानी होगी कोविड मरीजों से वसूली गई अतिरिक्त राशि, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

Covid Hospital Bills: कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा गठित महामारी लोक शिकायत समिति (पीपीजीसी) ने एक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मरीज को एक लाख रुपये वापस करने का आदेश जारी किया है

[avatar user=”Anand Madhav” size=”thumbnail” align=”left”]By Anand Tiwari[/avatar]

नई दिल्ली। (Covid Hospital Bills) कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा गठित महामारी लोक शिकायत समिति (पीपीजीसी) ने एक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मरीज को एक लाख रुपये वापस करने का आदेश जारी किया है।

एक अन्य मामले में भी समिति ने शिकायतकर्ता को भूतपूर्व सैनिक स्वैच्छिक स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) का लाभ देने का आदेश जारी किया है। समिति ने ये निर्णय यहां सेक्टर-59 स्थित एकीकृत नियंत्रण कक्ष में हुई बैठक में लिए। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने हर जिले में ऐसी कमेटी गठित करने का निर्देश जारी किया था। गौतमबुद्धनगर में समिति के सदस्य अपर जिलाधिकारी दिवाकर सिंह ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कोरोना काल में अस्पतालों द्वारा मरीजों और उनके परिवारों से अत्यधिक शुल्क वसूले जाने (Covid Hospital Bills) के मामलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। नोएडा की कमेटी में उनके साथ सीजीएम सुशील कुमार और डॉ. सीपी त्रिपाठी शामिल हैं।

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सिंह ने कहा कि समिति को कई लोगों से कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों द्वारा पैसे की उगाही और दवाओं और परीक्षणों के लिए अधिक शुल्क (Covid Hospital Bills) लेने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक मामले में मुदित माहेश्वरी की शिकायत पर सेक्टर-41 स्थित अस्पताल प्रबंधन को पीड़ित को एक लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया गया है।

सिंह के अनुसार सतेंद्र भाटी नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसके पिता सेना में हैं और वह ईसीएचएस के लाभार्थी थे, फिर भी उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में नकद भुगतान करना पड़ा। इस मामले में समिति ने आदेश दिया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) इस मामले में शिकायतकर्ता को ईसीएचएस का लाभ और राशि दिलाना सुनिश्चित करें।

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