Hijab Verdict: महिला आयोग ने हिजाब पर प्रतिबंध के फैसले का किया स्वागत, बच्चों के लिए कही ये बात

<p style="text-align: justify;">कर्नाटक हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने स्कूल में हिजाब पहनने की अनुमति के लिए निर्देश देने वाली सभी याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ‘हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने हिजाब पर प्रतिबंध बरकरार रखने के फैसला का स्वागत किया है. साथ ही बच्चों को कुछ संदेश भी दिया है.</p> <p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, "मैं महिलाओं के अधिकारों की प्रबल समर्थक हूं. मैं हमेशा कहती हूं कि महिलाएं कहीं भी, कुछ भी पहन सकती हैं, लेकिन अगर किसी संस्थान में एक ड्रेस है, तो उसका पालन किया जाना चाहिए. छात्रों को धर्म, जाति में विभाजित नहीं किया जाना चाहिए. मैं कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वगात करती हूं. जहां ड्रेस कोड लागू है वहां सभी बच्चों को पालन करना चाहिए. बच्चों को वापस स्कूल जाना चाहिए और इन सब में नहीं पड़ना चाहिए. बच्चों का इन सब में बहुत समय बर्बाद हुआ है और अपनी पढ़ाई की ओर लौटें."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाईकोर्ट ने हिजाब पर प्रतिबंध बरकरार रखा</strong><br />कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि ‘हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है. पीठ ने कहा, "हमारी राय है कि मुस्लिम महिलाओं द्वारा हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में कोई अनिवार्य प्रथा नहीं है. स्कूल की ड्रेस का निर्धारण केवल एक उचित प्रतिबंध है और संवैधानिक रूप से अनुमेय है जिसको लेकर छात्र आपत्ति नहीं कर सकते हैं. हमारा विचार है कि सरकार के पास 5 फरवरी 2022 (स्कूल में हिजाब को प्रतिबंधित करना) का सरकारी आदेश जारी करने की शक्ति है और इसके अमान्य होने का कोई मामला नहीं बनता है."</p> <p style="text-align: justify;">कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी<br />कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली मुस्लिम लड़कियों की याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट ने सरकारी आदेश को बरकरार रखते हुए कहा है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा, "यह हमारे बच्चों का सवाल है और यह उनके भविष्य का भी सवाल है."</p> <p style="text-align: justify;">बच्चों के लिए शिक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है. तीन जजों की बेंच के फैसले का सभी को पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब फैसला लागू होता है, तो लोगों को अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/aimim-chief-asaduddin-owaisi-reaction-on-karnataka-high-court-verdict-on-hijab-2081893">HC के फैसले पर बोले ओवैसी- ‘हिजाब भी इबादत, एक धर्म को निशाना बनाया गया'</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/congress-defeat-election-in-punjab-demand-to-expel-charanjit-singh-channi-from-party-ann-2081962">चुनाव में हार के बाद पंजाब में कांग्रेस का झगड़ा बढ़ा, चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी से निकालने की उठी मांग</a></strong></p>

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Team My Nation News
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