वन रैंक वन पेंशन की मौजूदा नीति को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया, कहा- इसमें कोई संवैधानिक कमी नहीं

<p style="text-align: justify;"><strong>Supreme Court on One Rank, One Pension:</strong> सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के लिए लागू वन रैंक वन पेंशन की मौजूदा नीति को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस नीति में कोई संवैधानिक कमी नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि नीति में पांच साल में पेंशन की समीक्षा का प्रावधान है. इसलिए सरकार एक जुलाई 2019 की तारीख से पेंशन की समीक्षा करे. कोर्ट ने सरकार को तीन महीने में बकाया राशि का भुगतान करने को कहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><span lang="HI">दरअसल पूर्व सैनिकों की एक संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि इस नीति से वन रैंक वन पेंशन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है. इसकी हर साल समीक्षा होनी चाहिए, लेकिन इसमें </span><span lang="EN-US">पांच </span><span lang="HI">साल में समीक्षा का प्रावधान है. अलग-अलग समय पर रिटायर हुए लोगों को अब भी अलग पेंशन मिल रही है.</span></p> <h4>यह भी पढ़ें-</h4> <h4 class="article-title "><a href="https://www.abplive.com/news/india/sonia-gandhi-asks-5-state-presidents-to-quit-g-23-to-meet-today-2082434">कांग्रेस में कलह के बीच आज ‘जी 23’ की बैठक, सोनिया गांधी ने पांच राज्यों के अध्यक्षों से मांगा इस्तीफा&nbsp;</a></h4> <h4 class="article-title "><a href="https://www.abplive.com/news/india/presidencial-election-2022-bjp-distance-from-majority-all-equations-vote-value-count-after-state-elections-up-uttarakhand-2082442">राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ेगा पांच राज्यों के चुनाव नतीजों का असर? जानें क्या है फॉर्मूला और मौजूदा समीकरण</a></h4>

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