YOGI ADITYANATH-PRIYANKA GANDHI: योगी सरकार ने मांगी ड्राइवरों की डिटेल, मजदूरों के लिए प्रियंका की 1 हजार बस चलवाने की थी पेशकश

  • प्रवासी मजदूरों के मामले पर योगी सरकार का पलटवार, कांग्रेस और प्रियंका गांधी से पूछे सवाल
  • प्रदेश सरकार ने 1000 बसों की लिस्ट और ड्राइवर का नाम मांगा
  • योगी सरकार ने कांग्रेस को जमकर घेरा, पूछा गरीबों से वसूला गया पैसा, तब कहां थे
संवाददाता मयंक शुक्ला की विशेष रिपोर्ट

YOGI ADITYANATH – PRIYANKA GANDHI:

घर वापसी के लिए परेशान प्रवासी मजदूरों के लिए 1 हजार बस चलाने की प्रियंका गांधी की पेशकश को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वीकार करते हुए प्रियंका गांधी से बसों और ड्राइवर की लिस्ट मांगी है। इस संबंध में योगी सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखते हुए सरकार की सहमति की जानकारी दी है।

सोमवार को यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव ने प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखकर बताया है कि सरकार ने प्रवासी मजदूरों के संबंध में उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। पत्र में आगे लिखा गया है कि प्रियंका अविलंब 1000 बसों की सूची और उनके ड्राइवर व कंडक्टर की डिटेल्स को सरकार को उपलब्ध कराएं जिससे कि इनका उपयोग प्रवासी मजदूरों के लिए हो सके। इस चिट्ठी से कुछ वक्त पहले ही प्रियंका गांधी ने CM Yogi Adityanath पर यह आरोप लगाया था कि वह बसों की व्यवस्था करने की उनकी पेशकश को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

इस चिट्ठी के बाद से ही कांग्रेस पार्टी योगी सरकार पर यह आरोप लगा रही थी कि प्रवासी मजदूरों की तमाम परेशानियों के बावजूद उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार बसों के परिचालन की अनुमति नहीं दे रही है। वहीं सोमवार को ही CM Yogi Adityanath ने प्रियंका से सवाल करते हुए कहा था कि जब आपके पास 1000 बसें थीं, तो राजस्थान और महाराष्ट्र से ट्रकों में भरकर हमारे साथियों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल क्यों भेज रहे हैं?

ट्विटर पर एक-दूसरे से उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कांग्रेस से चार सवाल पूछे थे जिसके बाद से कांग्रेस और CM Yogi Adityanath के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। प्रियंका गांधी के 1 हजार बसों के चलाने का प्रस्ताव स्वीकार करना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया था कि वह प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस को राज्य की सीमा पर तैयार रखी गईं बसों के परिचालन की अनुमति प्रदान करें। उन्होंने उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत और 36 अन्य के घायल होने के एक दिन बाद टि्वटर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह आग्रह किया था। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया ‘कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की बात की, बसों को उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो राज्य सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें अनुमति तक नहीं दी।’ प्रियंका गाँधी ने आरोप लगाया कि विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उसे लेने से इंकार कर रही है।’

इससे पहले 16 मई को प्रियंका गांधी ने कांग्रेस पार्टी की ओर से योगी सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा था कि पलायन कर रहे मजदूरों के लिए सरकार की ओर से घर पहुंचाने की कोई खास व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी गाजीपुर बॉर्डर गाजियाबाद और नोएडा बॉर्डर से 500-500 बसों को चलाना चाहती है। इन बसों का पूरा खर्च कांग्रेस पार्टी वहन करेगी। ऐसे में कांग्रेस बसों के परिचालन के लिए सरकार की अनुमति चाहती है।

इसी दौरान सीएम योगी के कार्यालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से प्रियंका से यह भी पूछा कि औरैया में जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। कांग्रेस नेतृत्व को समझना चाहिए कि उनमें से एक ट्रक झारखंड से आया था और दूसरा ट्रक पंजाब से आया था। प्रवासी कामगारों व श्रमिकों से भारी पैसा वसूला गया। बिहार और झारखंड जाने के लिए गरीबों से रुपया वसूला गया तब क्या कर रहे थे?

 

 

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