Census 2027: भारत के विकास की भावी रूपरेखा तय करने वाले दुनिया के सबसे बड़े अभियान ‘जनगणना-2027’ का बुधवार से शंखनाद हो गया है। यह भारत के इतिहास की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है। पुराने कागजी तरीकों को पीछे छोड़ते हुए इस बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विशेष अधिकार मिला है।
देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑनलाइन माध्यम से अपना विवरण दर्ज कर राष्ट्र का मार्गदर्शन किया। उनके साथ ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी ‘स्व-गणना’ पोर्टल के जरिए इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय यज्ञ में भाग लें और अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करें।
आठ राज्यों से शुरुआत, पहले दिन 55 हजार ने उठाया लाभ
जनगणना-2027 के पहले चरण- ‘मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO)’ की शुरुआत हो चुकी है। प्रारंभिक चरण में इसे 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया है। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और नई दिल्ली (एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र) शामिल हैं। डिजिटल इंडिया का प्रभाव पहले ही दिन देखने को मिला है। बुधवार रात तक मिले शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इन क्षेत्रों के लगभग 55,000 परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर इस नई सुविधा का लाभ उठाया।
क्या है ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) और यह कैसे काम करेगी?
अब तक प्रगणक (Enumerator) रजिस्टर लेकर घर-घर आते थे और आपसे पूछकर फॉर्म भरते थे। अब सरकार ने नागरिकों को सुविधा दी है कि वे प्रगणक के आने से पहले ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे अपना पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
स्वगणना में भाग लेने के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और आवश्यक क्रेडेंशियल्स के माध्यम से लागिन करना होगा। पोर्टल पर जानकारी भरकर फार्म सफलतापूर्वक सबमिट करने के बाद एक यूनिक सेल्फ एनुमरेशन आइडी जनरेट होगी। इस आइडी को प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान सत्यापन के लिए साझा करना होगा।
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही जियो-रेफरेंस्ड डिजिटल मैपिंग की मदद से आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
जनगणना के तहत नागरिकों को कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे, जिनमें परिवार, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है:
पोर्टल पर जाएं: सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा।
भाषा का चुनाव: यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित कुल 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।
लॉगिन: अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारी का उपयोग करके पोर्टल पर लॉग इन करें।
फॉर्म भरें: पोर्टल पर दिए गए सवालों के जवाब अपनी सुविधानुसार भरें।
मिलेगी यूनीक आईडी: जैसे ही आप सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करेंगे, सिस्टम आपको एक ‘सेल्फ-एनुमरेशन आईडी’ (SE ID) जनरेट करके देगा।
पुष्टिकरण: जब आपके क्षेत्र में नियुक्त प्रगणक सर्वे के लिए आपके घर पहुंचेंगे, तो आपको सिर्फ वह यूनीक आईडी (SE ID) उन्हें बतानी होगी, जिससे आपकी दी गई जानकारी की पुष्टि हो जाएगी।
घर-घर सर्वे से पहले मिलेंगे 15 अतिरिक्त दिन
जनगणना-2027 का यह पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक पूरे देश में संचालित किया जाएगा। इस छह महीने की अवधि के दौरान, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को यह काम 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रगणकों के घर-घर जाने (डोर-टू-डोर सर्वे) की जो भी तारीख तय होगी, उससे ठीक 15 दिन पहले ‘स्व-गणना’ का पोर्टल उस क्षेत्र के लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
कौन से 33 सवाल पूछे जाएंगे और क्यों?
जनगणना के पहले चरण (मकानसूचीकरण और मकानों की गणना) में व्यक्तियों की गिनती नहीं होती, बल्कि उनके रहन-सहन और घरों की स्थिति का डेटा जुटाया जाता है। इसके लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं। इन सवालों में मुख्य रूप से आवास की स्थिति (कच्चा/पक्का), बुनियादी सुविधाएं (पानी, बिजली, शौचालय आदि) और परिवार के पास उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी मांगी जाएगी। यह डेटा सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। इन्ही आंकड़ों के आधार पर सरकार अगले 10 सालों के लिए विकास योजनाएं बनाएगी और नीतियां तय करेगी।
डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी
जनगणना 2027 के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल उपकरण बेहद सुरक्षित हैं। इनमें मजबूत एन्क्रिप्शन और बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत यह कानूनी रूप से तय है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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