बांदा। उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meter) व्यवस्था को लेकर अब विरोध तेज होता जा रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में आम जनता, किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। इसी मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने राज्य के ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर इस व्यवस्था की समीक्षा करने और पुनः पोस्टपेड मीटर प्रणाली लागू करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र में लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों (Prepaid Smart Meter) के कारण लोगों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार रिचार्ज की मजबूरी, तकनीकी खामियां, बिना पूर्व सूचना बिजली आपूर्ति बाधित होना और वास्तविक खपत से अधिक बिलिंग की शिकायत जैसी समस्याओं के चलते आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।
गरीब और किसानों पर सबसे ज्यादा असर
पत्र में सदर विधायक ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि इस नई व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव गरीब, किसान और दिहाड़ी मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। पहले से आर्थिक रूप से कमजोर बुंदेलखंड क्षेत्र में यह व्यवस्था लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा रही है। बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में अनिश्चितता आने से शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे व्यवसायों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
“जब जनता संतुष्ट नहीं, तो व्यवस्था का क्या लाभ?”
विधायक प्रकाश द्विवेदी ने अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि यदि जनता इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है, तो ऐसी प्रणाली को लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस योजना की समीक्षा की जाए।
क्या है मांग?
सदर विधायक की प्रमुख मांगें प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली की तत्काल समीक्षा, वर्तमान व्यवस्था में आ रही तकनीकी और बिलिंग समस्याओं की जांच और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पोस्टपेड मीटर प्रणाली को फिर से लागू करना है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगातार बढ़ते विरोध और असंतोष के चलते कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में समय रहते समाधान निकालना जरूरी बताया गया है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। यदि सरकार जल्द ही इस पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तो आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल सभी की नजर ऊर्जा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
About the Author

-
ज्योति सिंह ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत एक क्षेत्रीय न्यूज़ प्लेटफॉर्म से की, जहाँ उन्होंने रिपोर्टिंग की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों में अनुभव हासिल किया।
पिछले 15 वर्षों के अपने व्यापक पत्रकारिता अनुभव में ज्योति सिंह ने राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन कवरेज की है। विशेष रूप से राजनीतिक घटनाक्रम और नीतिगत विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
वर्तमान में ज्योति सिंह My Nation News में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। यहाँ वह प्रमुख राजनीतिक खबरों, विशेष रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक स्टोरीज़ पर काम करते हुए संपादकीय टीम को अपनी अनुभवी दृष्टि से सशक्त बना रही हैं।
मीडिया जगत में डेढ़ दशक की सक्रियता के साथ ज्योति सिंह ने निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान स्थापित की है।
Latest entries
POLITICSApril 23, 2026Prepaid Smart Meter: प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने उठाई पोस्टपेड प्रणाली बहाल करने की मांग
POPULARApril 22, 2026Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
HighlightApril 21, 2026Middle East की जंग के बाद अब कहाँ भड़केगी अगली वैश्विक टक्कर? कौन बनेगा अगला सुपरपावर बैटलफील्ड..?
HighlightApril 14, 20261857 के अमर शहीदों की प्रतिमाएं लगाने की तैयारी, डीएम से मांगी अनुमति





