Farmers Protest: पंजाब के CM का फैसला, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलकर नियुक्ति पत्र सौपेंगे मंत्री

<p style="text-align: justify;">Farmers Protest: केन्द्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियन के भारत बंद के कारण देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा. विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ट्रेनों के रद्द होने और राजमार्ग व प्रमुख सड़कों के बंद होने से हजारों यात्री फंसे रहे.</p> <p style="text-align: justify;">इस बीच आज पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मंत्रियों की इमरजेंसी बैठक बुलाई. इस बैठक में सीएम ने मंत्रियों को आदेश दिया कि वह किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलकर नियुक्ति पत्र सौपें.</p> <p style="text-align: justify;">सीएम ने ट्वीट कर कहा, ”संयुक्त किसान मोर्चा के ‘भारत बंद’ के आह्वान के मद्देनजर नवगठित मंत्रिपरिषद की आपात बैठक बुलाई गई. इस बैठक में किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया.”</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, ”मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि अगले सप्ताह तक आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवार से मिलकर उन्हें सरकारी नौकरी की नियुक्ति पत्र सौंपें. ऐसे 155 नियुक्ति पत्र तैयार है और कैबिनेट सचिव को अन्य मामलों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.”</p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ट्विटर पर लिखा, &lsquo;&lsquo; मैं किसानों के साथ खड़ा हूं और केन्द्र सरकार ने तीन किसान विरोधी कानून वापस लेने की अपील करता हूं. हमारे किसान अपने अधिकारों के लिए एक साल से अधिक समय से लड़ रहे हैं और अब समय आ गया है जब उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए. मैं सभी किसानों से अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखने की अपील करता हूं.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को नौकरी देने का वादा किया था. उन्होंने पिछले दिनों सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद भी अगले सीएम से इन वायदों को पूरा करने की बात कही थी.</p> <p style="text-align: justify;">पिछले सोमवार को शपथ लेने के बाद चन्नी ने कहा था कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस इन &lsquo;काले कानूनों&rsquo; के खिलाफ किसानों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है. चन्नी ने जोर देकर कहा, &lsquo;&lsquo;पंजाब कृषि प्रधान राज्य है. अगर किसानों पर आंच जाएगी तो मैं अपनी गर्दन भी कटवा दूंगा.&rsquo;&rsquo;</p>

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Team My Nation News
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