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Kalyan Singh कोरोना पॉजिटिव होने के बाद गाजियाबाद के अस्पताल में 26 दिन तक रहे भर्ती

कल्याण सिंह  (Kalyan Singh) बीते वर्ष सितंबर माह में कोरोनासंक्रमित होने के बाद गाजियाबाद के कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती हुए थे। कल्याण सिंह इस अस्पताल में 26 दिनों तक भर्ती रहे और यहीं उन्होंने कोरोनावायरस को मात दी।

[avatar user=”Praveen Kumar” size=”thumbnail” align=”left”]By Praveen Kumar[/avatar]

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Kalyan Singh) का शनिवार को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। 89 वर्ष के कल्याण सिंह (Kalyan Singh) पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। कल्याण सिंह (Kalyan Singh) भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। कल्याण सिंह का निधन भारतीय जनता पार्टी समेत समूचे देश के लिए एक बड़ी हानि है। कल्याण सिंह भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश के सबसे पहले मुख्यमंत्री थे। और यह पहला मौका भी था जब उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 1991 में अपने बलबूते सरकार बनायी थी। वह 24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 तक यूपी के मुख्यमंत्री भी रहे। वह लोकसभा के सांसद भी रहे थे। इसके अलावा वह चार सितंबर 2014 से आठ सितंबर 2019 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे।

बीते वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कोरोना संक्रमित हो गए थे। उस समय गाजियाबाद में उन्होंने उन्होंने कोरोनावायरस को मात दी थी। कल्याण सिंह बीते वर्ष सितंबर माह में कोरोनासंक्रमित होने के बाद गाजियाबाद के कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती हुए थे। कल्याण सिंह इस अस्पताल में 26 दिनों तक भर्ती रहे और यहीं उन्होंने कोरोनावायरस को मात दी। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें अयोध्या मामले में भी बरी किया था। कोरोना को हराना और अयोध्या मामले में बरी होना उनके लिए दोहरी जीत के समान था। यहां पर अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें तलवार भेंट की थी।

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कोरोना रिपोर्ट संक्रमित की आने के बाद 16 सितंबर 2020 को उन्हें लखनऊ से एयर एंबुलेंस से लाकर कौशांबी के यशोदा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वह लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में भर्ती थे। यशोदा अस्पताल के आठ डाक्टरों की टीम ने उनका सफल इलाज किया। 26 दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से छुट्टी के दौरान कल्याण सिंह ने अस्पताल प्रबंधन को बधाई दी थी। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें तलवार भेंट की थी। उन्होंने तलवार लहराते हुए जय श्री राम का जयघोष किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था अयोध्या मामले में बरी होने पर उन्हें नई ऊर्जा मिली। ये भगवान राम का आशीर्वाद है।

अस्पताल के एमडी डा.पीएन अरोड़ा के अनुसार, उस समय कल्याण सिंह (Kalyan Singh) मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि रोग से ग्रस्त थे। उनकी बाइपास सर्जरी भी हो चुकी थी। ऐसी जटिल परिस्थितियों में उन्होंने कोरोना को मात दी। इस मौके पर कल्याण सिंह के पुत्र और एटा से सांसद राजवीर सिंह भी डिस्चार्ज के दौरान अस्पताल में उपस्थित थे।

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