- #enoughvit: कोरोना वायरस महामारी के चलते मानसिक, शारीरिक और आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते छात्रों ने उठाया परीक्षाएं स्थगित करने की मांग
- #enoughvit: फीस जमा करने के लिए यूनवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों पर दबाव डाला, परीक्षा का विरोध करने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा दी गयी धमकी
[avatar user=”Jyoti Singh” size=”thumbnail” align=”left”]By Jyoti Singh[/avatar]
#enoughvit यही वो मुहीम है जिसकी बदौलत Vellore Institute of Technology में पढ़ने वाले छात्रों ने संस्थान द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं को टालने के लिए मांग की है। छात्रों ने अपनी ये मांग सोशल मीडिया ऐप ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उठायी है। छात्रों की इस मुहीम को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा छात्रों को डिग्री रोकने व कड़ी कार्रवाई करने की धमकी भी दी गयी है। गौरतलब है कि Vellore Institute of Technology की वेल्लोर, चेन्नई व भोपाल समेत कुल तीन ब्रांच हैं।
मौजूदा कोरोनाकाल के चलते अधिकतर छात्र खुद अथवा उनके परिवार के सदस्य कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों पर परिक्षा का दबाव बनाना कहां तक उचित है। जबकि देश में सभी संस्थानों द्वारा मौजूदा हालातों के मद्देनजर परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि Vellore Institute of Technology के छात्रों पर इतना दबाव क्यों? क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन की मनमानी संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों व उनके परिजनों के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण हो गयी है? यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांगों को लेकर स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में परीक्षाएं स्थगित नहीं की जाएंगी।
वीडियो: यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण के बावजूद छात्रों को किन परिस्थितियों में परीक्षा देने पर मजबूर किया जा रहा है, इस वीडियो से साफ़ जाहिर है..
यूनवर्सिटी के छात्र मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तीनों ही रूप से परीक्षाएं देने की स्थिति में नहीं हैं। जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन इन छात्रों पर परिक्षा देने व पूरी फीस जमा करने का लगतार दबाव बना रहा है।
छात्रों ने क्यों उठाया परीक्षाएं स्थगित करने की मांग (#enoughvit)
छात्रों ने माइनेशन न्यूज़ को बताया कि मौजूदा कोरोनाकाल में बहुत से छात्र हैं जो अभी भी कोविड से संक्रमित हैं या कुछ समय पहले ही ठीक ही हुए हैं। ऐसे में ये सभी छात्र परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं। बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिनके परिवार के सदस्य अभी भी कोरोना संक्रमित हैं अथवा परिवार में कोरोना संक्रमण के चलते किसी न किसी की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे छात्र भी हैं जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य अस्पताल में गंभीर अवस्था में मृत्यु से लड़ाई लड़ रहा है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर छात्र परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं।
संस्थान की एक छात्रा ने बताया कि वह अभी कोविड से ठीक होकर आयी है और उसकी मानसिक व शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है,बावजूद इसके उसे परीक्षा देनी पड़ रही है।
ट्यूशन फीस जमा करने का दबाव
छात्रों ने बताया कि 8 जून को यूनिवर्सिटी ने एक सर्कुलर जारी कर सभी छात्रों को 15 जुलाई 2021 तक पूरी फीस जमा करने का दबाव बनाना शुरु कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि अधिकतर छात्रों के परिवार अभी इतना फाइनेंस बर्डन लेने की स्थिति में नहीं हैं। कोरोना के चलते अस्पताल में भर्ती हुए परिवार के सदस्यों का लंबा चौड़ा बिल एक बड़ा खर्चा बन गया। इसके अलावा नौकरीपेशा अभिभावकों के वेतन में कटौती या व्यवसाय बंद होने से परिवार पर वित्तीय संकट बढ़ गया है। ऐसे में यूनिवर्सिटी द्वारा फीस जमा करने का दबाव कहां तक उचित है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का दबाव
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारियों का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमे छात्रों को अपनी मुहीम रोकने के यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस क्लिप में छात्रों को #enoughvit आंदोलन को न समाप्त करने की एवज में उनकी डिग्री रोकने की धमकी दी रही है। यही नहीं इस ऑडियो क्लिप में यह भी कहा जा रहा है कि ट्विटर पर पोस्ट करने वाले सभी छात्रों का नाम व रजिस्ट्रेशन नंबर नोट किया जा रहा है। इन सभी पर यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले 15 वर्षों के अपने व्यापक पत्रकारिता अनुभव में ज्योति सिंह ने राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन कवरेज की है। विशेष रूप से राजनीतिक घटनाक्रम और नीतिगत विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
वर्तमान में ज्योति सिंह My Nation News में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। यहाँ वह प्रमुख राजनीतिक खबरों, विशेष रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक स्टोरीज़ पर काम करते हुए संपादकीय टीम को अपनी अनुभवी दृष्टि से सशक्त बना रही हैं।
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