Irfan Ka Cartoon: कंधों पर कुर्सी लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इमरान खान, देखिए इरफान का कार्टून

<p style="text-align: justify;"><strong>Irfan Ka Cartoon:</strong> पाकिस्तान में संसद भंग करने के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज 12 बजे फिर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव पर नेशनल असेंबली की कार्यवाही के रिकॉर्ड तलब किए हैं. इस बीच कार्यवाहक पीएम इमरान खान के दावों को एक और झटका लगा है. अविश्वास प्रस्ताव के पीछे सुरक्षा एजेंसियों को जांच में विदेशी साजिश का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला. इरफान की वर्तमान हालत को देखते हुए इरफान ने कार्टून बनाया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इरफान ने कार्टून में क्या दिखाया है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मशहूर कार्टूनिस्ट इरफान ने कार्टून में दिखाया है कि अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में लगे पीएम इमरान खान बेहत हैरान परेशान हैं. वह अपनी पीएम की कुर्सी को उठाए हुए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर खड़े हैं. जिसके आगे लिखा है, ”Keep Quiet.”</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देखें कार्टून-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><br /><img style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;" src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2022/04/06/f40ec55d777dd20068890aa0a5f0aef5_original.JPG" width="738" height="558" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong> अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं कराना असंवैधानिक- सुप्रीम कोर्ट</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि इस मामले पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई के दौरान कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं कराना असंवैधानिक है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे संसद से जु़ड़े मामले सुनने का हक है. इससे पहले <a title="इमरान खान" href="https://www.abplive.com/topic/imran-khan" data-type="interlinkingkeywords">इमरान खान</a> के वकील ने सवाल उठाते हुए कहा था कि संसद की कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट का दखल गलत है.&nbsp; सुप्रीम कोर्ट ने कुछ ही घंटों में इस घटनाक्रम पर स्वत: संज्ञान लिया और पांच सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी.</p> <p style="font-weight: 400; text-align: justify;">विशेषज्ञों ने कहा कि फैसला अगर खान के अनुकूल होता है तो 90 दिनों के भीतर चुनाव होंगे और अगर अदालत उपाध्यक्ष के खिलाफ फैसला सुनाती है तो संसद का सत्र फिर से बुलाया जाएगा और खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आएगा. प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने सोमवार को कहा था कि नेशनल असेंबली को भंग करने के संबंध में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा दिए गए सभी आदेश और कार्रवाई अदालत के आदेश के अधीन होगी. मामले में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सभी राजनीतिक दलों को प्रतिवादी बनाया गया है. अदालत का निर्णय नेशनल असेंबली को भंग करने के राष्ट्रपति के आदेश की वैधता को भी निर्धारित करेगा.</p> <p class="fulstorytext" style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p> <h4 class="article-title " style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/pm-narendra-modi-address-bjp-workers-on-bjp-42nd-foundation-day-2096203">Foundation Day पर पीएम मोदी ने BJP कार्यकर्ताओं को दिया मंत्र, बोले- आज देश के पास नीति भी, नीयत भी</a></h4> <h4 class="article-title " style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/gorakhnath-temple-attack-murtaza-gun-practice-airgun-and-shrapnel-recovered-from-the-room-2096139">गोरखनाथ मंदिर अटैक में नया खुलासा! घर की छत पर बंदूक चलाने की प्रैक्टिस करता था मुर्तजा, बरामद हुई एयरगन</a></h4>

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