Parliamentary Panel का सुझाव- हर बार इंटरनेट शटडाउन का सहारा लेना सही नहीं, सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद करने का तलाशे विकल्प

<p class="p1" style="text-align: justify;"><span class="s1"><strong>Parliamentary Panel Suggestion: </strong></span>संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबधी स्थायी समिति ने इंटरनेट को आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा के जीवन में अपरिहार्य बताते हुए सरकार से हर मामले में इंटरनेट शटडाउन नहीं करने की सिफारिश की है. दूरसंचार सेवाओं<span class="s2">/</span>इंटरनेट का निलंबन और इसके प्रभाव विषय पर लोकसभा में पेश अपनी<span class="s2"> 26</span>वीं रिपोर्ट में संसदीय समिति ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इंटरनेट का उपयोग करना भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यापार या कारोबार करने के संवैधानिक अधिकार के तहत ही सरंक्षित है<span class="s2">. </span>लेकिन इंटरनेट शटडाउन को लेकर कोई एसओपी या समान दिशानिर्देश नहीं होने और अन्य सुरक्षा उपायों में कमी की वजह से राज्य सरकारों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी सामान्य अनुचित स्थिति में इंटरनेट शटडाउन का सहारा लेने का मौका मिल जाता है.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;">शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सरकार से इंटरनेट शटडाउन को लेकर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा अपनाए जाने वाले तौर तरीकों को लेकर एक समान एसओपी जारी करने की सिफारिश की है. इसके साथ ही समिति ने दूरसंचार विभाग और गृह मंत्रालय दोनों से देश में इंटरनेट शटडाउन के सभी आदेशों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस रखने के लिए जल्द से जल्द एक तंत्र की स्थापना करने की भी सिफारिश की है.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><span class="s2">'</span>सार्वजनकि आपातकाल<span class="s2">’ </span>और<span class="s2"> ‘</span>लोक सुरक्षा<span class="s2">’ </span>को परिभाषित करने और इसके प्रावधानों एवं घटकों को तय करने की सिफारिश करते हुए समिति ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि परीक्षा में नकल रोकने और स्थानीय अपराधों को टालने के लिए भी इंटरनेट शटडाउन का सहारा लिया जा रहा है.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong><span class="s2">&lsquo;</span>सरकार इंटरनेट बंद करने के<span class="s2">&nbsp;</span>बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद करने का विकल्प तलाशे<span class="s2">&rsquo;</span></strong></p> <p class="p1" style="text-align: justify;">समिति ने दूरसंचार विभाग से एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाने की भी सिफारिश की है<span class="s2">, </span>ताकि राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सीआरपीसी की धारा<span class="s2">-144 </span>का इस्तेमाल कर इंटरनेट बंद नहीं कर सके. इंटरनेट बंद करने का कोई भी आदेश<span class="s2"> 15 </span>दिनों से अधिक समय तक लागू नहीं किया जा सकता<span class="s2">, </span>के नियम का जिक्र करते हुए समिति ने जम्मू<span class="s2">-</span>कश्मीर में लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने के बारे में चिंता भी व्यक्त की<span class="s2">, </span>हालांकि सरकार ने समिति को बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया था.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;">इंटरनेट बंद होने की वजह से होने वाले आर्थिक नुकसान और लोगों की असुविधा का जिक्र करते हुए समिति ने दूरसंचार निलंबन पर निर्णय की समीक्षा करने वाली समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाने और इसके आदेशों का प्रामाणिक आंकड़ा रखने की सिफारिश भी सरकार से की है.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;">समिति ने इंटरनेट शटडाउन और सांप्रदायिक दंगों के बीच में संपर्क का पता लगाने के लिए किसी तरह का अध्ययन नहीं होने के सरकार के जवाब का जिक्र करते हुए सरकार से पूरे इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने की बजाय फेसबुक<span class="s2">, </span>व्हाट्सएप<span class="s2">, </span>टेलीग्राम जैसे साधनों पर प्रतिबंध लगाने के विकल्प तलाशने की सिफारिश करते हुए कहा है कि दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों द्वारा इस संबंध में अपनाए जा रहे नियमों का अध्ययन भी विभाग को करना चाहिए.</p> <p class="p3" style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें<span class="s3">-</span></strong></p> <p class="p3" style="text-align: justify;"><strong><span class="s3"><a title="Election 2024: अगले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस 300 सीटें नहीं जीत पाएगी- कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद" href="https://www.abplive.com/news/india/congress-ghulam-nabi-azad-says-congress-not-winning-300-seats-in-next-2024-general-elections-2008809" target="">Election 2024: अगले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस 300 सीटें नहीं जीत पाएगी- कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद</a></span></strong></p> <p class="p3" style="text-align: justify;"><strong><span class="s3"><a title="अब बिना अनुमति ट्विटर पर शेयर नहीं कर सकेंगे किसी दूसरे की निजी फोटो और वीडियो, जानिए क्या है नया नियम" href="https://www.abplive.com/technology/mobile/twitter-new-rule-now-you-can-not-share-any-common-twitter-users-individual-picture-and-video-without-their-permission-2008767" target="">अब बिना अनुमति ट्विटर पर शेयर नहीं कर सकेंगे किसी दूसरे की निजी फोटो और वीडियो, जानिए क्या है नया नियम</a></span></strong></p>

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Team My Nation News
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