Punjab Election 2022: अकाली दल के लिए लकी है मोगा, रैली में किए बड़े ऐलान, गुरुद्वारों-धार्मिक स्थलों की बिजली होगी फ्री

<p style="text-align: justify;"><strong>Punjab Election News:</strong> पंजाब के मोगा से अकाली दल ने चुनाव अभियान की शुरुआत की है. शुरुआत से ही मोगा अकाली दल के लिए अहम मायने रखता है. मोगा रैली में अकाली दल ने ऐलान करते हुए कहा है कि अकाली दल और बीएसपी की सरकार बनने पर पंजाब में 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों को भी पेंशन पेंशन मिलेगी. अकाली दल ने ये भी कहा कि गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों की बिजली फ्री होगी. इसके साथ ही जनता को भरोसा दिलाते हुए पंजाब में शराब माफिया के खात्मे के लिए भी पार्टी ने बड़ा वादा किया. पार्टी की तरफ से कहा गया कि वो सरकार बनने पर शराब निगम बनाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;">पंजाब में रेत माफिया के खात्मे का वादा भी पार्टी ने रैली में किया. अकाली दल ने कहा कि वो रेत माफिया को खत्म करने के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन बनाएंगे. इसके साथ ही पे कमीशन को भी लागू किया जाएगा. पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि इस बार अकाली दल तीन-तीन सरकारों से लड़ रही है. एक केंद्र की सरकार है दूसरी आम आदमी पार्टी की दिल्ली की सरकार है और तीसरी पंजाब की कांग्रेस सरकार.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="UP Assembly Election 2022: अखिलेश यादव के बयान पर भड़के अनुराग ठाकुर, कहा- उन्हें बोलने से पहले दो बार सोचना चाहिए" href="https://www.abplive.com/news/india/anurag-thakur-says-words-used-by-akhilesh-show-level-of-anxiety-in-samajwadi-party-2016673" target="">UP Assembly Election 2022: अखिलेश यादव के बयान पर भड़के अनुराग ठाकुर, कहा- उन्हें बोलने से पहले दो बार सोचना चाहिए</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">इस रैली के साथ अकाली-बसपा गठबंधन पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार को धार देने की कोशिश कर रही है. अकाली दल मोगा को खुद के लिए शुभ मानती है, यही वजह कि चुनाव प्रचार के आगाज के लिए मोगा को चुना गया. मोगा की अकाली दल के लिए अहमियत इसलिए भी है क्योंकि 75वीं वर्षगांठ को मोगा सम्मेलन नाम दिया था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अकाली दल के लिए क्यों है मोगा अहम</strong></p> <p style="text-align: justify;">जगह की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शिअद ने अपनी 75वीं वर्षगांठ को मोगा सम्मेलन नाम दिया था. यह वही दौर था जब पार्टी ने फरवरी 1996 में अपना विस्तार करते हुए खुद को सिख और पंथ के प्रतिनिधि से आगे बढ़कर सभी समुदायों के हितैषी के रूप में प्रस्तुत किया. पंजाब जो खालिस्तान चरमपंथ का गवाह बन चुका था, वहां एक नारा निकल कर आया, &lsquo;पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत&rsquo;. 1997 में शिअद ने भाजपा के साथ हाथ मिलाया और प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री बने. साल 2006 और 2011 में शिरोमणि अकाली दल ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत मोगा से की. &nbsp;2006 और 2012 में पार्टी को सत्ता भी मिली.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>100 साल पूरे होने का जश्न</strong></p> <p style="text-align: justify;">शिरोमणि अकाली दल ने एक ट्वीट में कहा था कि ये रैली पंथ, पंजाब, पंजाबियों और पंजाबियत के गौरव और सम्मान को बनाए रखने के लिए ‘निर्स्वार्थ सेवा’, ‘बलिदान’ और ‘संघर्ष’ के 100 साल पूरे होने का जश्न. ये हमारे मूल मूल्य हैं और हम पंजाब की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए उसी रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.abplive.com/news/india/congress-rahul-gandhi-lashes-on-narendra-modi-govt-says-not-allowed-to-raise-issues-in-parliament-2016537">Rahul Gandhi का Modi सरकार पर हमला, बोले- प्रधानमंत्री सदन में नहीं आते, ये लोकतंत्र चलाने का कोई तरीका नहीं</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/nyd-xznCpJc" width="1280" height="720" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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Team My Nation News
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