- गृह मंत्री और प्रधान मंत्री कार्यालय से समस्या को निस्तारण के लिए जॉइंट सेक्रटरी उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया गया
- जिला प्रशासन ने दो मुहल्लों के तीन दुग्ध विक्रेताओं का सैम्पल तो लिया लेकिन रिजल्ट भी नही बताया
संवाददाता: देवेंद्र ठाकुर
सुलतानपुर (Sultanpur News)। ऐसा व्यक्ति खोजना मुश्किल है जो दूध खरीदता हो और मिलावटी दूध की समस्या से ग्रसित न हो। परंतु प्रशासन इस बात के उलट अलग ही राग अलापता दिख रहा है। उसका कहना है कि मिलावटी दूध और दूध से बने प्रोडक्ट की बिक्री को लेकर प्रशासन बहुत संवेदनशील है। लक्ष्य बनाकर उसकी पूर्ति के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। हालांकि प्रशासन की इस चुस्ती की खबर तक जनता को नही है।
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वीडियो: मानवाधिकार कार्यकर्त्ता अभिषेक सिंह मिलावटी दूध के खिलाफ संवेदनशील है और अपने साथियों के साथ लगातार आवाज उठा रहे हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह अन्य व्यक्तियों के साथ लगातार मिलावटी दूध और उससे बने पदार्थो की बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से मांग कर रहे हैं। इस बाबत श्री सिंह ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। पत्र पर नाम, पता, मोबाइल नम्बर और हस्ताक्षर कर 50 से भी अधिक लोगों ने समस्या के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था।

श्री सिंह इस समस्या के निस्तारण से बहुत क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने दो मुहल्लों के तीन दुग्ध विक्रेताओं का सैम्पल उठा कर समस्या का निस्तारण कर दिया। उस सैम्पल का रिजल्ट तक नही बताया। जबकि मिलावटी दूध की शिकायत हो तो उत्पादन केंद्रों के सैम्पल उठाये जाने अत्यंत आवश्यक हो जाते हैं। और यह कार्यवाही तब तक चलनी चाहिए जबतक जनता मिलावटी दूध और उससे निर्मित पदार्थो की बिक्री से मुक्त न हो जाये। परंतु ऐसा कुछ नही है।

जिम्मेदार अधिकारी शिकायत करने और कार्यवाही के आंकड़े दिखाते हैं। उसका लाभ जनता को मिले या न मिले इससे कोई फर्क नही पड़ता है। अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रशासन ने अभी हाल ही में एक पत्र के जवाब में कहा है कि मिलावटी दूध की बिक्री पर हुई कार्यवाही की शिकायत मिथ्या और भ्रामक है।
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प्रशासन के इस जवाब की जनता ने कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर इस जवाब का काफी विरोध हो रहा है। प्रशासन के इस जवाब की शिकायत गृह मंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर कर दी गयी है। गृह मंत्री और प्रधान मंत्री कार्यालय से समस्या को निस्तारण के लिए जॉइंट सेक्रटरी उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया गया है।
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