Ukraine Russia War: ‘दोनों पक्षों से अनुरोध के बावजूद सूमी में फंसे भारतीयों के लिए नहीं बन पाया सुरक्षित गलियारा’, UNSC में बोला भारत

<p style="text-align: justify;"><strong>Ukraine-Russia War:</strong> भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों से बार-बार आग्रह करने के बावजूद, पूर्वी यूक्रेन के शहर सूमी में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया है और वह इसे लेकर &lsquo;&lsquo;बेहद चिंतित&rsquo;&rsquo; है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थानीय प्रतिनिधि एवं राजदूत टी एस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद में कहा, &lsquo;&lsquo;भारत हर प्रकार की शत्रुता को समाप्त करने का लगातार आह्वान करता रहा है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि भारत ने सभी निर्दोष नागरिकों, भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए सुरक्षित तथा निर्बाध मार्ग की मांग की है. तिरुमूर्ति ने कहा, &lsquo;&lsquo;हम बेहद चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से हमारे आग्रह के बावजूद, सूमी में फंसे हमारे छात्रों के लिए सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया.&rsquo;&rsquo; उन्होंने कहा कि भारत अभी तक युद्धग्रस्त यूक्रेन से अपने 20,000 से अधिक नागरिकों की सुरक्षित वापसी कराने में कामयाब रहा है. तिरुमूर्ति ने कहा, &lsquo;&lsquo;हमने अन्य देशों के उन लोगों की भी उनके देश पहुंचने में मदद की, जिन्होंने इस संबंध में हमसे सम्पर्क किया था.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">यूक्रेन और रूस के बीच जंग का आज 13वां दिन है. दोनों देशों के बीच तीसरी तौर की बातचीत में बनतीजा रही. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने वीडियो जारी कर कीव में ही होने का दावा किया है. उन्होंने वीडियो में कहा कि मैं किसी से डरा नहीं हूं. मैं छिप नहीं रहा हूं. उन्होंने आगे इस वीडियो में कहा कि हम युद्ध जीतने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.&nbsp;यूक्रेन के राष्ट्रपति की तरफ से वीडियो जारी कर ये दावा ऐसे समय पर किया गया है जब रूसी मीडिया की तरफ से यह लगातार कहा जा रहा है कि जेलेंस्की अपने देश छोड़कर भाग चुके हैं. पहले भी जेलेंस्की की तरफ से यह दावा का गया था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीजफायर के बाद भी रूस के हमले जारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले, रूस ने नागरिकों को निकालने के लिए सोमवार सुबह से संघर्ष-विराम के साथ कई क्षेत्रों में मानवीय गलियारों को खोलने की घोषणा की. हालांकि निकासी मार्ग ज्यादातर रूस और उसके सहयोगी देश बेलारूस की ओर जा रहे है. यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि क्या नागरिकों को निकाला जा रहा है. गलियारों की नई घोषणा के बाद भी रूसी सेना ने कुछ यूक्रेनी शहरों पर रॉकेट हमला जारी रखा और कुछ क्षेत्रों में भयंकर लड़ाई जारी रही.&nbsp;उत्तर, दक्षिण और मध्य यूक्रेन के शहरों में रूस की लगातार जारी गोलीबारी के बीच हजारों यूक्रेनी नागरिक वहां से सुरक्षित निकलने की कोशिश में जुटे हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि यह संघर्ष-विराम राजधानी कीव, दक्षिणी बंदरगाह शहर मारियुपोल, यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव और सूमी से नागरिकों की निकासी के लिए घोषित किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच सोमवार को तीसरे दौर की वार्ता हुई. वार्ता संपन्न होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के एक सलाहकार ने कहा कि सुरक्षित गलियारा बनाने के संबंध में मामूली प्रगति हुई है. हालांकि, उन्होंने बैठक का अधिक विवरण साझा नहीं किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शरणार्थियों की संख्या 17 लाख के पार</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस बीच युद्ध में मरने वालों की संख्या स्पष्ट नहीं है. खारकीव क्षेत्र की पुलिस ने सोमवार को कहा कि अकेले वहां 209 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 133 नागरिक हैं. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि अब तक 17 लाख से अधिक लोग युद्धग्रस्त यूक्रेन को छोड़कर सुरक्षित स्थानों में शरण ले चुके हैं. कई अन्य लोग शहरों में गोलाबारी की चपेट में फंसे हुए हैं. मारियुपोल में खाद्य पदार्थ, पानी और दवाओं की कमी हो गई है. यूक्रेनी अधिकारियों ने कीव के उपनगरों में विनाशकारी मंजर के बीच नागरिकों को निकालने की कोशिशें नाकाम होने की जानकारी दी है. इस बीच, दोनों पक्षों के अधिकारियों ने सोमवार को तीसरे दौर की वार्ता करने की भी योजना बनाई है.</p> <p style="text-align: justify;">संघर्ष विराम के नये प्रस्ताव में, ज्यादातर निकासी मार्ग रूस या उसके सहयोगी बेलारूस की ओर हैं. यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री इरिना वीरेशचुक ने इस कदम को &lsquo;&lsquo;अस्वीकार्य&rsquo;&rsquo; बताया है. इसके बजाय यूक्रेनी सरकार ने आठ मार्गों का प्रस्ताव रखा जो नागरिकों को यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्रों में जाने की अनुमति देगा जहां रूस की ओर से कोई गोलाबारी नहीं हो रही है. एक रूसी कार्यबल ने बताया कि लोगों को निकालने के लिए मानवीय गलियारों की घोषणा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अनुरोध पर की गई है, जिन्होंने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की थी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संघर्ष-विराम कब तक लागू रहेगा और इसके तहत कार्यबल के बयान में उल्लिखित क्षेत्रों से आगे के इलाकों में भी लड़ाई रुकेगी या नहीं.</p> <p style="text-align: justify;">रूसी संवाद समिति &lsquo;आरआईए नोवोस्ती&rsquo; द्वारा रक्षा मंत्रालय के हवाले से प्रकाशित निकासी मार्गों से पता चलता है कि यू्क्रेनी नागरिक रूस और बेलारूस जा सकेंगे. कार्यबल ने कहा कि रूसी सेना ड्रोन के जरिये संघर्ष-विराम की निगरानी करेगी. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, &lsquo;&lsquo;अगर आक्रमण जारी रहता है और रूस यूक्रेन के खिलाफ अपनी योजनाओं को नहीं छोड़ता है, तो हमें एक नए प्रतिबंध पैकेज की आवश्यकता होगी.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

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Team My Nation News
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