Urea Scam: बहुचर्चित यूरिया घोटाले में ED की कार्रवाई, राज्यसभा MP अमरिंदर धारी सिंह की 13 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त

<p style="text-align: justify;"><strong>Urea Scam:</strong> बहुचर्चित यूरिया घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने राज्यसभा सांसद अमरिंदर धारी सिंह की 13 करोड रुपए से ज्यादा की संपत्ति को अस्थाई तौर पर जब्त किया है. यह संपत्ति एफडीआर के तौर पर है. प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ 30 जुलाई 2021 को एक आरोपपत्र भी कोर्ट के सामने पेश किया था.</p> <p style="text-align: justify;">प्रवर्तन निदेशालय के एक आला अधिकारी ने बताया कि बहुचर्चित यूरिया घोटाले मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें इसको और इंडियन पोटाश लिमिटेड के निवेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसी मामले के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को गिरफ्तार किया था. अधिकारी के मुताबिक इस मामले में आरोप था कि अमरेंद्र धारी सिंह और उनके सहयोगियों ने इंडियन पोटाश लिमिटेड और इफको के कई बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर विदेशों से आने वाली खाद को बढ़े हुए मूल्य पर खरीदा दिखाया और इस बारे में दलाली के पैसों को विभिन्न कंपनियों में मनी लॉन्ड्रिंग भी किया.</p> <p style="text-align: justify;">जांच एजेंसियों के सामने जो रिकॉर्ड आया था, उसके मुताबिक अमरेंद्र धारी सिंह और उनके सहयोगियों की कंपनियों के खाते समय उनके अपने खातों में लगभग 685 करोड रुपए आए थे. कमीशन खोरी की रकम को अमेरिका में रहने वाले n.r.i. भारतीयों की कथित कंपनी में ट्रांसफर भी किया गया था. इस मामले में दुबई की ज्योति ट्रेडिंग कॉरपोरेशन नामक कंपनी का नाम सामने आया था. अमरेंद्र धारी सिंह इस कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं. ईडी को जांच के दौरान पता चला कि अमरेंद्र धारी सिंह को कंसलटेंसी के नाम पर रकमें दी गई थी.</p> <p style="text-align: justify;">प्रवर्तन निदेशालय को जांच के दौरान पता चला कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग को छुपाने के लिए कई परते बनाई गई और पहले दुबई की कंपनियों में पैसा इधर से उधर किया गया. इनमें अगस्तावस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के एक आरोपी राजीव सक्सेना की कंपनियां भी शामिल थी. इसके बाद भारतीय कंपनियों में भी पैसों को इधर से उधर किया गया यानी कुल मिलाकर मनी लॉन्ड्रिंग अपराध को छुपाने की कोशिश की गई. मामले की जांच के दौरान तथ्य सामने आने पर अब प्रवर्तन निदेशालय ने राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह की ₹13 करोड़ से ज्यादा की एफडीआर जब्त की है मामले की जांच जारी है.</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

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Team My Nation News
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