Amethi Corruption पर खबर का असर: शौचालय निर्माण एवं मनरेगा योजना की जांच में हुई बड़े घोटालों की पुष्टि, ग्रामप्रधान के सभी अधिकारों पर लगी रोक

  • ग्रामप्रधान द्वारा 54 शौचालय निर्माण में खर्च हुए 56 लाख रुपये ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया
  • खर्च की गयी सभी धनराशि का वित्तीय नियमों के विरुद्ध नगद भुगतान किया गया
  • अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को प्रकरण हेतु अंतिम जांच अधिकारी नामित किया गया
  • ग्रामप्रधान द्वारा स्वयं के, अपने पति के एवं अन्य सगे संबंधियों के व्यक्तिगत खाते में धनराशि ट्रांसफर कर भुगतान किये गए

[avatar user=”Shubham Singh” size=”thumbnail” align=”left”]By Shubham Singh[/avatar]

अमेठी। (Amethi Corruption News) प्रधान ग्राम पंचायत मोचवा किरण मौर्या द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत निर्मित कराए गए शौचालयों में घोर उदासीनता एवं लापरवाही बरतते हुए नियमों के विपरीत शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आने पर उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि ग्रामीणों की शिकायतें मिलने के बाद यह मामला माइनेशन न्यूज़ की newsdelhincr.com टीम ने उठाया था जिसके बाद अब कार्रवाई और जांच के कदम उठाये गए हैं।

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किरण मौर्या ने बताया कि ग्राम प्रधान मोचवा के विरुद्ध शिकायत मिलने पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में ग्राम प्रधान द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत शौचालय निर्माण की धनराशि लाभार्थियों के खाते में न भेज कर स्वयं अपने, पति व अन्य सगे संबंधियों के खाते में रुपये 37,70,000 हस्तांतरित करने एवं मनरेगा अंतर्गत कराए गए कार्यों में गांव के व्यक्तियों के नाम से दो-दो जॉब कार्ड निर्गत कर एक ही दिवस में कार्य दिए जाने, बिना कार्य कराए मजदूरों के खाते में धनराशि का हस्तांतरण कराने आदि वित्तीय अनियमितता बरतने का मामला प्रकाश में आने पर प्रधान ग्राम पंचायत मोचवा विकासखंड भादर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

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(Amethi Corruption news) ग्राम प्रधान द्वारा नोटिस के जवाब में मनरेगा संबंधित किसी भी शिकायत की स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों द्वारा निर्मित कराए गए 54 शौचालय निर्माण पर व्यय धनराशि रूपए 56,00,000 के संबंध में लाभार्थियों को कितनी-कितनी धनराशि का भुगतान किया गया इसका भी कोई विवरण प्रधान द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में किन लाभार्थियों को दोनों किस्त का भुगतान किया गया है और किन लाभार्थियों को एक किश्त का। इस प्रकार व्यय धनराशि को समायोजित करने की नियत से धनराशि रुपए 56,000,00 व्यय करना दिखाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बैंक स्टेटमेंट के अनुसार ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा स्वयं के नाम, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामयज्ञ मौर्य व अन्य के नाम कुल धनराशि रुपये 37,70,000 का अंतरण किया गया है। प्रस्तुत किए गए उत्तर में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा कुल रुपए 17,59,600 व्यय करना दिखाया गया है। इस प्रकार रुपाए 20,10,400 धनराशि अन्य के पास रक्षित है, जो धनराशि व्यय करना दिखाया गया है। सब नगद भुगतान किया गया है जो कि वित्तीय नियमों के विरुद्ध है।

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(Amethi Corruption news) इस प्रकार किरण मौर्या प्रधान ग्राम पंचायत मोचवा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत निर्मित कराए गए शौचालयों में घोर उदासीनता एवं लापरवाही करते हुए नियमों के विपरीत शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किए जाने की दृष्टि से निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री जो कि कतिपय फर्मों से की गई है का भुगतान फर्मों को सीधे न करके अपने स्वयं, पति एवं अन्य सगे संबंधियों के व्यक्तिगत खाते में हस्तांतरित किए जाने के साथ-साथ पदेन दायित्वों के निर्वहन में चूक बरतने की दोषी पाए जाने पर उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को उक्त प्रकरण हेतु अंतिम जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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Team My Nation News
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