अमेरिका से भारत के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, कल सुबह 11:30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे, अपने साथ लाएंगे कई कलाकृतियां

<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हो गए. चार दिवसीय अपनी अमेरिका यात्रा के बाद वे कल स्वदेश लौटेंगे. वे कल सुबह 11.30 बजे दिल्ली पहुंचेंगे. पीएम मोदी बुधवार को चार दिवसीय यात्रा पर अमेरिका रवाना हुए थे. इस यात्रा में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ही उन्होंने ने अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता, उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ मुलाकात, व्यक्तिगत रूप से पहले क्वाड नेता शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित भी किया.</p> <p><strong>अपने साथ अमेरिका से लेकर आएंगे 157 प्राचीन कलाकृतियां और वस्तुएं</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम रविवार को जब स्वदेश लौटेंगे तब अपने साथ 157 प्राचीन कलाकृतियां और वस्तुएं लेकर आएंगे. अमेरिका ने इन कलाकृतियों व वस्तुओं को प्रधानमंत्री को भेंट किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि इनमें से अधिकतर कलाकृतियां व वस्तुएं 11वीं से 14वीं शताब्दी के बीच की हैं. पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन कलाकृतियों को लौटाने के लिए अमेरिका का धन्यवाद किया. उसके मुताबिक प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चोरी, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक वस्तुओं की तस्करी को रोकने के प्रयासों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.</p> <p style="text-align: justify;">इन 157 कलाकृतियों व वस्तुओं में 10वीं शताब्दी की बलुआ पत्थर से तैयार की गई डेढ़ मीटर की नक्काशी से लेकर 12वीं शताब्दी की उत्कृष्ट कांसे की 8.5 सेंटीमीटर ऊंची नटराज की मूर्ति शामिल है. पीएमओ ने कहा, &lsquo;&lsquo;इनमें से अधिकतर वस्तुएं 11वीं से लेकर 14वीं शताब्दी की हैं और सभी ऐतिहासिक भी हैं. इनमें मानवरूपी तांबे की 2000 ईसा पूर्व वस्तु या दूसरी शताब्दी की टैराकोटा का फूलदान है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;">लगभग 71 प्राचीन कलाकृतियां सांस्कृतिक हैं वहीं शेष छोटी मूर्तियां हैं जिनका संबंध हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म से है. यह सभी धातु, पत्थर और टैराकोटा से बनी हैं. कांसे की वस्तुओं में लक्ष्मी नारायण, बुद्ध, विष्णु, शिव-पार्वती और 24 जैन तीर्थंकरों की भंगिमाएं शामिल हैं. कई अन्य कलाकृतियां भी हैं जिनमें कम लोकप्रिय कनकलामूर्ति, ब्राह्मी और नंदीकेसा शामिल है.&nbsp;पीएमओ ने कहा कि यह देश की प्राचीन कलाकृतियों व वस्तुओं को दुनिया के विभिन्न हिस्सों से स्वदेश वापस लाने का केंद्र सरकार के प्रयासों का हिस्सा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="PM Modi UNGA Speech: UNGA में बिना नाम लिए PM मोदी का पाकिस्तान और चीन पर निशाना, पढ़ें उनके संबोधन की बड़ी बातें" href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-unga-speech-highlights-pm-narendra-modi-pakistan-china-comments-strength-india-democracy-young-tea-seller-speaking-un-1973420" target="_blank" rel="noopener">PM Modi UNGA Speech: UNGA में बिना नाम लिए PM मोदी का पाकिस्तान और चीन पर निशाना, पढ़ें उनके संबोधन की बड़ी बातें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पीएम मोदी बोले- टी स्टॉल पर पिता की मदद करने वाला आज UNGA को संबोधित कर रहा है, ये भारत के लोकतंत्र की ताकत" href="https://www.abplive.com/photo-gallery/news/india-pm-modi-said-one-who-used-to-help-father-at-tea-stall-is-addressing-unga-this-is-strength-of-india-s-democracy-1973446" target="_blank" rel="noopener">पीएम मोदी बोले- टी स्टॉल पर पिता की मदद करने वाला आज UNGA को संबोधित कर रहा है, ये भारत के लोकतंत्र की ताकत</a></strong></p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/odmHZVWb7ws" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

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Team My Nation News
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