[avatar user=”Durgesh Thakur” size=”thumbnail” align=”left”]By Durgesh Thakur[/avatar]
सुलतानपुर। ट्रामा सेंटर (Trauma Center) सुलतानपुर में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने का मामला राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने ट्रामा सेंटर निर्माण हुए पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी आपातकालीन सेवा न शूरु होने की शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग में कई थी। राज्य मानवाधिकार आयोग ने मेल पर सूचित किया है की शिकायत को पंजीकृत कर लिया गया है।
बताते चले कि हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल को त्वरित व बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2013- 14 में सुलतानपुर जिले में मिनी ट्रामा खोलने की योजना बनाई गई थी। तत्कालीन सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद लखनऊ – वाराणसी राष्ट्रीय राज्यमार्ग के किनारे अमहट में जून 2015 में ट्रामा सेंटर भवन (Trauma Center Building) तैयार होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन को हस्तांतरित किया गया। एक वर्ष तक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रामा सेंटर (Trauma Center) में चिकित्साकर्मियों के अभाव में ताला लटकता रहा।
सितंबर 2016 में आउटसोर्सिंग के तहत नौ मल्टीटास्क वर्कर की तैनाती की गई। जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सको की रोस्टर वाइज ड्यूटी लगाई गई। ट्रामा सेंटर में तैनात चिकित्सक रजिस्टर पर ही ड्यूटी बजाते रहे। तैनात नर्सिंग असिस्टेंट की तैनाती जिला अस्पताल में कर दी गयी।
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अभिषेक सिंह का कहना है कि इस ट्रामा सेंटर में मेडिकल कालेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमे छः अत्याधुनिक बेड वाला सर्जिकल आईसीयू व दो वेंटिलेटर की व्यवस्था है। ऑपरेशन थियेटर में दो मरीज की एक साथ सर्जरी की जा सकती है। ओटी में दिन जैसे प्रकाश के लिए हाई फाई एलईडी लाइट लगाई गई है। जांच के लिए सीटीस्केन व डिजिटल एक्सरे मशीन उपलब्ध है।
अभिषेक सिंह का कहना है कि पिछले करीब एक साल से लगातार शासन प्रशासन से ट्रामा सेंटर में आपातकालीन सेवा आरम्भ करने के लिये पत्रव्यवहार चल रहा है। कई बार प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई। परन्तु कोई सुनवाई नही हुई। केंद्र स्वास्थ्य मिनिस्ट्री मामले को विभिन्न चरणों से होते हुए राज्य सरकार को सौंप देती है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नही देते है।
जिला प्रशासन कहता है कि शासन प्रशासन से चिकित्सको की मांग की गयी है जैसे ही चिकित्सक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे तुरन्त आपात सेवा आरम्भ कर दी जाएगी। आये दिन जिले में घटनाएं दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगो को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। जाते जाते बीच रास्ते मे ही घायलों की कई बार मौत हो जाती है। बहुत लोग तो पैसे और अन्य सोर्सेज की कमी की वजह से लखनऊ या कही अन्य स्थान पर जाने से वंचित हो जाते हैं। यह बहुत दुखद स्थित है।
लॉकडाउन के समय तो आपातस्थित में बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। इस ट्रामा सेंटर से सुलतानपुर जिले के लोगों का ही नही अपितु आस पास के जिले प्रतापगढ़, अमेठी,जौनपुर और रायबरेली के लोगों को भी आपात स्थिति में लाभ मिलेगा। लखनऊ ट्रामा सेंटर (Trauma Center) पर कुछ बोझ भी कम होगा।
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