Punjab Congress Crisis: पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ 2 घंटे तक चली मुलाकात, क्या इन शर्तों पर मान गए नवजोत सिंह सिद्धू

<p style="text-align: justify;"><strong>Punjab Congress Crisis:</strong> पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरूवार को नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब दो घंटे लंबी चली. इसके बाद कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह गोरा ने पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक हो जाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि कल आपको पता चलेगा, प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे और सारे इकट्ठे होकर करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिद्धू का इस्तीफा हो सकता है नामंजूर</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू को मनाने के लिए पंजाब के डीजीपी और एजी को बदलने का रास्त तय हो चुका है. तीन सदस्यीय कमेटी बड़े मसलों को लेकर हफ्ते मे दो बार मिलेगी. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी प्रधान सिद्धू और हरीश चौधरी इस कमेटी में शामिल होंगे. इसके साथ ही, सिद्धू का इस्तीफा नामंजूर किया जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है पूरा विवाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, चन्नी सरकार में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को पंजाब पुलिस के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. सहोता को प्रभार दिए जाने से नाराज सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. सहोता फरीदकोट में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए तत्कालीन अकाली सरकार द्वारा 2015 में गठित एक विशेष जांच दल के प्रमुख थे.</p> <p style="text-align: justify;">सिद्धू ने गुरूवार को ट्वीट कर कहा कि बादल सरकार के कार्यकाल के दौरान सहोता बेअदबी मामले की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख थे और उन्होंने ‘गलत तरीके से’ दो सिख युवकों को फंसा दिया और ‘बादल परिवार के लोगों को क्लीन चिट दे दी.’ सिद्धू ने यह भी कहा कि वर्ष 2018 में वह राज्य के वर्तमान गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तत्कालीन पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ के साथ पीड़ितों के परिवारों से मिले थे और उन्हें न्याय के लिए लड़ाई में सहयोग का भरोसा दिया था.</p> <p style="text-align: justify;">अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद और राज्य में अगले साल की शुरुआत में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू के अपने पद से इस्तीफा दे देने से कांग्रेस की पंजाब इकाई में उथल-पुथल मची है. नई कैबिनेट और अन्य शीर्ष अधिकारियों की हालिया नियुक्तियों को लेकर पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुल कर सामने आ गई. बुधवार को पत्रकारों से चन्नी ने कहा था, &lsquo;&lsquo;मैंने आज सिद्धू साहब से टेलीफोन पर बात की है. पार्टी सर्वोच्च है, सरकार पार्टी की विचारधारा को स्वीकार करती है और उसका पालन करती है. (मैंने उनसे कहा कि) आप आओ, बैठो और बात करो.&rsquo;&rsquo;</p>

About the Author

Team My Nation News
Team My Nation News