Amethi-uria

Uria को लेकर किसान बेहाल, सरकारी तंत्र फेल

  • मनमाने रेट पर यूरिया (Uria) खाद की बिक्री की जा रही है और इन विपरीत परिस्थितियों में किसान निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य देने को मजबूर है

[avatar user=”Rizwan Ahmad Khan” size=”thumbnail” align=”left”]By Rizwan Ahmad Khan[/avatar]

अमेठी। मुसाफिरखाना क्षेत्र के ग्राम सभा पूरे मालिक में स्थित सहकारी समिति का केंद्र आईएफएफडीसी मुसाफिरखाना अमेठी में विगत कई दिनों से किसानों को यूरिया (Uria) की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन तक किसानों की समस्या नहीं पहुंच पा रही है जिससे किसान परेशान है। एक तरफ कोरोना वायरस की मार दूसरी ओर यूरिया (Uria) के न मिल पाने की समस्या। किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।

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छोटे किसानों की दशा बहुत दयनीय हो गई है क्षेत्र के कई किसानों प्रेम शंकर दुबे बन्ना, शिव शंकर पिंडारा, राम सजीवन पूरे चौहान, बब्बन पूरे भोला पांडेय आदि के द्वारा यह ज्ञात हुआ कि किसान प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ही लाइन में इस कड़ी धूप में खड़े हो जाते हैं। पूरा दिन लाइन में खड़े होने के बाद भी किसान खाली हाथ निराश होकर वापस अपने घर चले जाते हैं। केंद्र व प्रदेश की सरकार का नारा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोरोना वायरस महामारी अपने विकराल की तरफ बढ़ रही ही देश COVID-19 के मरीज़ों की संख्या का आंकड़ा 30 लाख के पार हो गया है और आप देख सकते हैं कि विक्रय केंद्र पर सोशल डिस्टेन्स का कितना मजाक उड़ाया जा रहा है।

सूत्रों की माने तो केंद्र पर मनमाने रेट पर यूरिया (Uria) खाद की बिक्री की जा रही है और इन विपरीत परिस्थितियों में किसान निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य देने को मजबूर है। अचरज की बात यह है कि सहकारी समिति का केन्द्र मुख्य सड़क मार्ग पर है और आते जाते किसी जिम्मेदार अधिकारी की नज़र भी नहीं पड़ती है।

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Team My Nation News
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