- एक दशक पहले उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले से शुरू हुआ था Ghar Sultanpur नाम का फेसबुक ग्रुप
- मौजूदा समय में ग्रुप के सदस्यों की संख्या 60 हजार से भी अधिक हो चुकी है
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा Ghar Sultanpur Foundation की टीम को सम्मानित किया गया है
- जरूरतमंदों के लिए हर संभव मदद को तैयार रहते हैं Ghar Sultanpur Foundation के सदस्य
[avatar user=”Apoorva Garg” size=”thumbnail” align=”left”]By Apporva Garg[/avatar]
नई दिल्ली। कुछ समय पहले राजधानी दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में एक मरीज को खून की आवश्यकता थी। इस बात को लेकर मरीज के परिजन बहुत ही ज़्यादा परेशान थे। इस बात की जानकारी Ghar Sultanpur के एक सदस्य को मिली। बस फिर क्या था.. रक्तदान करने वालों की लाइन लग गयी। सभी ने रक्तदान किया और मरीज की जान बचाई जा सकी। रक्तदान करने वाले सभी लोग Ghar Sultanpur के सदस्य थे। राजधानी दिल्ली व एनसीआर में इसी प्रकार के ऐसे बहुत से उदाहरण हैं, जब Ghar Sultanpur के सदस्य जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आये हैं।

10 साल पहले 24 दिसंबर 2010 को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर जब एक छोटा सा Ghar Sultanpur नाम का ग्रुप बनाया गया तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि आने वाले समय में यही ग्रुप पूरे देश के लिए एक मिसाल बन जायेगा। राजधानी दिल्ली व एनसीआर समेत अमूमन देश के सभी महानगरों लखनऊ, मुंबई, पुणे, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, देहरादून के अलावा ग्रुप के सदस्य दूसरे देशों में रहते हुए भी जरूरतमंदों की मदद करने में कतई गुरेज नहीं करते हैं।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले से शुरू हुई पहल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 130 किलोमीटर की दूरी पर एक जिला है सुलतानपुर। रामनगरी अयोध्या से सटा हुआ और अपने अंदर अवधी भाषा की छाप लिए हुए, शारदीय नवरात्रि के बाद शुरू होने वाली दुर्गा पूजा इस जनपद का सबसे विशेष पर्व है। वैसे तो सुलतानपुर से गांधी परिवार का बहुत बड़ा राजनीतिक जुड़ाव है और वर्तमान में भाजपा से मेनका गांधी इस जिले की सांसद हैं। इसके बावजूद भी यह एक बहुत सामान्य सा शहर है और यहां का जनजीवन भी बहुत आम है। रोजगार के अवसर भी काफी कम हैं, इसलिए नौकरी करने की चाह रखने वालों को युवाओं को अपना घर छोड़ महानगरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे युवा यदा-कदा ही त्योहार अथवा किसी विशेष प्रयोजन के दौरान अल्पकाल के लिए ही अपने घर वापस जा पाते हैं। बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो त्योहारों पर भी अपने घर नहीं जा पाते हैं।

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ग्रुप के संचालक नितिन मिश्रा भी जिले से काफी दूर रहकर ही नौकरी करते थे और अपने घर बहुत ही कम जा पाते थे। फिर नितिन ने फेसबुक पर Ghar Sultanpur नाम का एक ग्रुप बनाया, जिसके माध्यम से अन्य नगरों में नौकरी करने वाले सुलतानपुर के लोग एक दूसरे से मिल सकें और शहर की सभी महत्वपूर्ण जानकारियां लोगों से साझा की जा सके।
इंटरनेट क्रांति ने ग्रुप को आगे बढ़ाने में निभाया योगदान
जब Ghar Sultanpur ग्रुप की स्थापना हुई, उस समय इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट का प्रयोग करने वालों की संख्या बहुत कम थी। हालांकि इसके बावजूद भी ग्रुप के सदस्यों की संख्या बढ़ती रही और लोग एक दूसरे से जुड़ते रहे। पिछले एक दशक में आयी इंटरनेट क्रान्ति और सोशल नेटवर्किंग साइट के बढ़ते यूज़र्स के चलते सुलतानपुर से जुड़े हुए अधिकाधिक लोगों तक इस ग्रुप की जानकारी पंहुचती गयी और लोग Ghar Sultanpur ग्रुप से जुड़ते गए। पिछले दस सालों इस ग्रुप के सदस्यों की संख्या 60 हजार से भी अधिक हो चुकी है। और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस ग्रुप के सभी सदस्य सिर्फ सुलतानपुर जिले से ही ताल्लुक रखते हैं।

सामाजिक कार्यों और जरूरतमंदों की मदद की अनूठी पहल Ghar Sultanpur Foundation
Ghar Sultanpur के ग्रुप के सदस्यों की संख्या और मेल-जोल में सभी ने विचार किया कि ग्रुप का उपयोग अपने शहर को बेहतर करने में किया जाए और जरूरतमंदों की मदद की जाए। अपने शहर को और साफ-सुथरा बनाया जाए। बस फिर क्या था, इस विचार को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया। मौजूदा समय में Ghar Sultanpur महज एक फेसबुक ग्रुप से कहीं आगे बढ़कर एक स्वयंसेवी संस्था Ghar Sultanpur Foundation बन चुका है।

ग्रुप के सदस्यों द्वारा अपनी इस संस्था के माध्यम से जरूरतमंदों को वस्त्र वितरित किये जाते हैं, रक्तदान किये जाते हैं, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण अभियान व वृक्षारोपण अभियान भी चलाये जाते हैं। भटके हुए लोगों को उनके परिवार से संपर्क कर परिजनों से मिलाना, निर्धन बीमार लोगों के लिए धन, दवा व इलाज की व्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार में सहायता, निःशुल्क प्याऊ की व्यवस्था, शीत में अलाव से लेकर निर्धनों के लिए शीतवस्त्र, कम्बल इत्यादि की व्यवस्था – ऐसे सभी कार्यों में Ghar Sultanpur Foundation के सदस्य निःस्वार्थ भावना से लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। बता दें कि रक्तदान शिविरों के लिए Ghar Sultanpur Foundation की टीम को प्रदेश में सर्वाधिक सात रक्तदान शिविर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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Ghar Sultanpur के सदस्यों द्वारा जरूरतमंदों के लिए की जाने वाली निःस्वार्थ सेवा भावना के चलते ही, इन दिनों राजधानी दिल्ली व एनसीआर में रहने वाले लोग भी Ghar Sultanpur के न सिर्फ मुरीद बनते जा रहे हैं बल्कि संस्था की मुहीम से भी जुड़ रहे हैं। बहुत से लोगों का मानना है कि Ghar Sultanpur जैसी निःस्वार्थ सोच वाले ग्रुप हों तो कभी भी किसी निर्धन को किसी के भी आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी।

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