
<p style="text-align: justify;"><strong>China-US News:</strong> अमेरिका ने चीन से शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम उइगर और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ नरसंहार और अपराधों को तुरंत खत्म करने का आह्वान किया है. अमेरिका का ये बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने आज "उइघुर जबरन श्रम रोकथाम अधिनियम" पर हस्ताक्षर किए. ये अधिनियम शिनजियांग में जबरन श्रम के साथ बने सामानों के आयात पर बैन लगाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिडेन ने उइगर जबरन श्रम रोकथाम अधिनियम पर किए हस्ताक्षर </strong></p> <p style="text-align: justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति बिडेन ने आज उइगर जबरन श्रम रोकथाम अधिनियम पर हस्ताक्षर किए, जो शिनजियांग में चल रहे नरसंहार के संदर्भ में जबरन श्रम से निपटने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है." बयान में कहा गया है कि विदेश विभाग शिनजियांग में बंधुआ मजदूरों को संबोधित करना जारी रखने और मानवाधिकारों के इस घोर उल्लंघन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को मजबूत करने के लिए कांग्रेस और हमारे इंटरएजेंसी भागीदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नए कानून में क्या है</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह नया कानून अमेरिकी सरकार को शिनजियांग में जबरन श्रम से बने सामानों को अमेरिकी बाजारों में प्रवेश करने से रोकने और इन दुर्व्यवहारों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए जवाबदेही को बढ़ावा देता है. ब्लिंकेन ने कहा, ”हम उन लोगों की गरिमा को बहाल करने के लिए हर संभव कोशिश करना जारी रखेंगे जो बेगार से मुक्त होने के लिए तरस रहे हैं. हम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार से शिनजियांग में मुख्य रूप से मुस्लिम उइगर और अन्य जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों के खिलाफ नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों को तुरंत खत्म करने का आह्वान करते हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चीन ने शिनजियांग के मुद्दे पर अमेरिकी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, चीन ने अमेरिकी सरकार के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के चार सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. बीजिंग ने देश के उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर चीनी अधिकारियों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में यह कदम उठाया है. ये कदम शिनजियांग मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ता बीजिंग में फरवरी में होने जा रहे शीतकालीन ओलंपिक के बहिष्कार का आह्वान कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><iframe class="abpembed" src="https://www.abplive.com/sharewidget/india.html" width="100%" height="721px" frameborder="0" scrolling="no"></iframe> <iframe class="abpembed" src="https://www.abplive.com/sharewidget/trending.html" width="100%" height="721px" frameborder="0" scrolling="no"></iframe></p>
About the Author

Latest entries
BIOGRAPHYApril 2, 2026Zoya Rathore: भारत की नंबर वन एडल्ट कंन्टेंट स्टार, जानें फुल बायोग्राफी..
BIOGRAPHYApril 1, 2026Tejaswini Prabhakar Gowda कौन है ये तेजी से पॉपुलर हो रहीं एडल्ट वेबसीरीज ऐक्ट्रेस? पढ़ें पूरी बायोग्राफी..
BUSINESSMarch 30, 2026iPhone 18 Pro सीरीज़ जल्द होगा लॉन्च! डिजाइन, फीचर्स, कीमत और लॉन्च डेट का बड़ा अपडेट
EDUCATIONMarch 6, 2026डॉ. गरिमा भारद्वाज को Indian Women in Education & Nation Building Leadership Awards 2026 से सम्मानित किया गया






