IIT Kanpur के छात्रों से बोले PM मोदी ने कहा- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा, 21वीं सदी Technology Driven

<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कानपुर में आयोजित एक दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप हब बनकर उभरा है. उन्होंने कहा कि कितने स्टार्टअप्स तो हमारी IITs के युवाओं ने ही शुरू किए हैं. प्रधानमंत्री ने आगे कहा आजादी के इस 75वें साल में हमारे पास 75 से अधिक यूनिकॉर्न्स हैं, 50,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं. इनमें से 10,000 तो केवल पिछले 6 महीनों में आए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कौन भारतीय नहीं चाहेगा कि भारत की कंपनियां ग्लोबल बनें, भारत के प्रोडक्ट ग्लोबल बनें. जो IITs को जानता है, यहां के टैलेंट को जानता है, यहां के प्रोफेसर्स की मेहनत को जानता है, वो ये विश्वास करता है ये IIT के नौजवान जरूर करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चुनौतियों से न भागें</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि आज से शुरू हुई यात्रा में आपको सहूलियत के लिए शॉर्टकट भी बहुत लोग बताएँगे. लेकिन मेरी सलाह यही होगी कि आप comfort मत चुनना, challenge जरूर चुनना, क्योंकि, आप चाहें या न चाहें, जीवन में चुनौतियां आनी ही हैं. जो लोग उनसे भागते हैं वो उनका शिकार बन जाते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आज का समय Technology Driven</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये दौर, ये 21वीं सदी, पूरी तरह Technology Driven है. इस दशक में भी टेक्नोलॉजी अलग-अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा और बढ़ाने वाली है. बिना टेक्नोलॉजी के जीवन अब एक तरह से अधूरा ही होगा. ये जीवन और टेक्नोलॉजी की स्पर्धा का युग है और मुझे विश्वास है कि इसमें आप जरूर आगे निकलेंगे. उन्होंने कहा कि 1930 के उस दौर में जो 20-25 साल के नौजवान थे, 1947 तक उनकी यात्रा और 1947 में आजादी की सिद्धि, उनके जीवन का Golden Phase थी. आज आप भी एक तरह से उस जैसे ही Golden Era में कदम रख रहे हैं. जैसे ये राष्ट्र के जीवन का अमृतकाल है, वैसे ही ये आपके जीवन का भी अमृतकाल है.</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा मेरी बातों में आपको अधीरता नजर आ रही होगी लेकिन मैं चाहता हूं कि आप भी इसी तरह आत्मनिर्भर भारत के लिए अधीर बनें. आत्मनिर्भर भारत, पूर्ण आजादी का मूल स्वरूप ही है, जहां हम किसी पर भी निर्भर नहीं रहेंगे.&nbsp;उन्होंने कहा कि जब देश की आजादी को 25 साल हुए, तब तक हमें भी अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बहुत कुछ कर लेना चाहिए था. तब से लेकर अब तक बहुत देर हो चुकी है, देश बहुत समय गंवा चुका है. बीच में 2 पीढ़ियां चली गईं इसलिए हमें 2 पल भी नहीं गंवाना है.</p> <p><iframe class="abpembed" src="https://www.abplive.com/sharewidget/trending.html" width="100%" height="721px" frameborder="0" scrolling="no"></iframe></p>

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Team My Nation News
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