मुजफ्फरनगर..आंखे मूंद लेने से खतरा न जाएगा:आल इंडिया मुशायरे में वसीम बरेलवी और मंजर भोपाली सरीखे उस्ताद शायरों ने अपने कलामों से समा बांधा

वसीम बरेलवी ने मुजफ्फरनगर की अदबी रवायत की तारीफ की,बरेलवी बोले सोशल मीडिया के कारण मुशायरों में घटे सुनने वाले,जब तक शायरी जिंदा है, इंसानियत जिंदा है तब तक जिंदा रहेगी उर्दू,नवाज देवबंदी ने अपने को मुकामी बता दूसरे शायरों को तरजीह दी,जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में गंगा-जमुनी तहजीब को समर्पित रहा मुशायरा

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Team My Nation News
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