Covid के हल्के लक्षण वाले मरीजों का घर में इलाज संभव, मोलनुपिराविर कोई जादुई दवा नहीं- AIIMS डॉक्टर

<p class="p1" style="text-align: justify;"><strong>Corona Virus Treatment:</strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान<span class="s1"> (</span>AIIMS<span class="s1">) </span>के एक डॉक्टर ने कहा है कि कोरोना के नए वेरिएंट <a title="ओमिक्रोन" href="https://www.abplive.com/topic/omicron" data-type="interlinkingkeywords">ओमिक्रोन</a> (Omicron) के कारण बढ़ते मामलों के दौरान अब तक कोविड मरीजों में हल्के लक्षण देखने को मिल रहे हैं. इन लोगों का घर पर ही उपचार संभव है. साथ ही डॉक्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोविड<span class="s1">-19 (Covid-19) </span>बीमारी के लिए एंटी<span class="s1">-</span>वायरल<span class="s1"> ‘</span>मोलनुपिरवीर<span class="s1">’ (Molnupiravir) </span>कोई<span class="s1"> ‘</span>जादुई दवा<span class="s1">’ </span>नहीं है.<span class="s1"><br /></span></p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong>कोविड के इलाज के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं<span class="s1"><br /></span></strong>AIIMS के मेडिसिन विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल ने अब तक कोविड<span class="s1">-19 </span>के उपचार के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि मरीज की गहन निगरानी सबसे जरूरी है<span class="s1">, </span>खासकर अधिक जोखिम वाले ऐसे बुजुर्ग जोकि पहले से बीमारियों की चपेट में हैं या ऐसे लोग जिन्होंने अब तक टीकाकरण नहीं कराया है.<span class="s1"><br /><br /></span>निश्चल ने कहा<span class="s1">, ‘</span>महामारी का ये मतलब नहीं है कि जब तक आपका डॉक्टर आपको कई तरह की दवाएं या नयी तरह की गोलियां नहीं देता<span class="s1">, </span>तब तक आप ठीक नहीं हो सकते. आखिरकार<span class="s1">, </span>धैर्य<span class="s1">, </span>सकारात्मक विचार और पेरासिटामोल से भी अधिकतर मरीज ठीक हो सकते हैं. महामारी की तीसरी लहर के दौरान अधिकतर संक्रमित लोगों में अब तक हल्का संक्रमण देखने को मिला है जिसका बिना किसी विशेष उपचार के घर पर ही इलाज संभव है.<span class="s1">&rsquo;<br /></span></p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong>केंद्र ने चेताया<span class="s1"><br /></span></strong>केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा है कि इस समय सामने आ रहे<span class="s1"> 5-10 </span>प्रतिशत संक्रमित लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है. हालांकि<span class="s1">, </span>चेताया है कि ये हालात तेजी से बदल भी सकते हैं<span class="s1">, </span>ऐसे में पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. हाल ही में मंजूर की गई मोलनुपिराविर के बारे में डॉ निश्चल ने कहा कि इसे जादुई दवा के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है<span class="s1">, </span>जबकि ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि इस दवा को केवल सीमित आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है.</p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या सच में कोई नया वेरिएंट है Deltacron, AIIMS के डॉक्टर ने दिए अहम सवालों के जवाब, आपके काम की है खबर" href="https://www.abplive.com/news/india/is-there-really-a-new-covid-mix-variant-deltacron-aiims-doctor-explains-ann-2035927" target="">क्या सच में कोई नया वेरिएंट है Deltacron, AIIMS के डॉक्टर ने दिए अहम सवालों के जवाब, आपके काम की है खबर</a></strong></p> <p class="p1" style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid Precaution Dose: पहले दिन 9 लाख वरिष्ठ नागरिकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ली कोरोना बूस्टर डोज, कुल 82 लाख को लगा टीका" href="https://www.abplive.com/news/india/9-lakh-covid-vaccine-precaution-doses-administered-to-eligible-age-group-on-first-day-2035968" target="">Covid Precaution Dose: पहले दिन 9 लाख वरिष्ठ नागरिकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ली कोरोना बूस्टर डोज, कुल 82 लाख को लगा टीका</a></strong></p>

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Team My Nation News
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