चीन-पाक और न्यायपालिका पर राहुल के बयान से घमासान, विदेश मंत्री बोले तथ्यों की जानकारी नहीं, कानून मंत्री ने की माफी की मांग

<p style="text-align: justify;">कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि देश को &lsquo;शहंशाह&rsquo; की तरह चलाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने इस सरकार की नीतियों के चलते आज देश आंतरिक एवं बाहरी मोर्चों पर &lsquo;बड़े खतरे&rsquo; का सामना कर रहा है. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार की नीति के कारण ही आज चीन एवं पाकिस्तान एक साथ आ गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में दो हिंदुस्तान बन गए हैं जिनमें से एक अमीरों और दूसरा गरीबों के लिए है. राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि देश के सामने खड़ी प्रमुख चुनौतियों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राहुल के बयान&nbsp; पर घमासान</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;इस देश के दो नजरिये हैं. एक नजरिया यह है कि देश राज्यों का संघ है जिसका मतलब है कि संवाद होगा…आप भारत में शासन करने वाले किसी साम्राज्य को देख लीजिए. आप अशोक महान को देख लें, मौर्य वंश को देख लें, आप यह पाएंगे कि आपसी संवाद के जरिये शासन किया गया.&rsquo;&rsquo; राहुल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार विभिन्न राज्यों की आवाज दबा रही है, लेकिन उसे इसका आभास नहीं है कि देश के &lsquo;संस्थागत ढांचे&rsquo; पर हमले की प्रतिक्रिया हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;मेरे परनाना (जवाहरलाल नेहरू) इस राष्ट्र को बनाने के लिए ही 15 साल तक जेल में रहे, मेरी दादी (इंदिरा गांधी) को 32 गोलियां मारी गईं और मेरे पिता (राजीव गांधी) को विस्फोट से उड़ा दिया गया इन्होंने इस राष्ट्र को बनाने के लिए अपनी कुर्बानी दी। इसलिए मैं थोड़ा बहुत जानता हूं कि राष्ट्र क्या है.&rsquo;&rsquo;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कानून मंत्री बोले- माफी मांगे राहुल</strong></p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता ने कहा कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग, पेगासस ये सभी यूनियन ऑफ स्टेट की आवाज को नष्ट करने के उपकरण हैं.&nbsp; उनके इस बयान पर केन्द्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने माफी की मांग की है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर संसद भवन से आरोप लगाना निंदा से परे है. उन्हें तुरंत भारत के लोगों के सामने भारतीय न्यायपालिका और चुनाव आयोग से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए. जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है.</p>

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Team My Nation News
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