हॉकी को राष्ट्रीय खेल घोषित करने पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, दूसरे खेलों पर भी अधिक खर्च की थी मांग

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित करने की मांग पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. याचिकाकर्ता का कहना था कि अभी तक हॉकी को यह दर्जा आधिकारिक रूप से नहीं मिला है. इस दर्जे से हॉकी को बढ़ावा मिलेगा. याचिकाकर्ता ने एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए और अधिक सुविधा की भी मांग की थी.</p> <p style="text-align: justify;">वकील विशाल तिवारी की याचिका में एथलेटिक्स समेत दूसरे खेलों में भारत के कमजोर प्रदर्शन का मसला उठाया गया था. याचिकाकर्ता कहना था कि 1 अरब से ज़्यादा आबादी वाले बड़े देश का ओलंपिक समेत दूसरे अंतर्राष्ट्रीय खेलों में प्रदर्शन फीका रहता है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह खेलों पर अधिक संसाधन खर्च करे. ऐसी नीति बनाए जिससे भारत को अधिक मेडल मिल सकें. खिलाड़ियों को ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग दिलाई जाए.</p> <p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि हॉकी में कभी भारत विश्वविजेता था. अब 41 साल के बाद उसे ओलंपिक में कांस्य पदक मिला है. यह प्रचलित धारणा थी कि हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है. लेकिन एक आरटीआई आवेदन के जवाब में सरकार ने बताया है कि ऐसा कोई आधिकारिक दर्जा हॉकी को नहीं दिया गया है. कोर्ट केंद्र को इसका निर्देश दे. इससे भारत को इस खेल में दोबारा पहले जैसी सफलता पाने में मदद मिलेगी.</p> <p style="text-align: justify;">मामला आज जस्टिस यु यु ललित, एस रविंद्र भाट और बेला त्रिवेदी की बेंच में लगा. सुनवाई की शुरुआत में ही बेंच के अध्यक्ष जस्टिस ललित ने याचिकाकर्ता से पूछ लिया कि क्या वह स्वयं भी खिलाड़ी हैं. याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि वह खिलाड़ी नहीं हैं. जिम में कसरत करने के अलावा खेलों से उनका कोई संबंध नहीं.</p> <p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता के इस जवाब पर कोर्ट ने कहा, "आपका उद्देश्य अच्छा है. हम भी इससे सहमत हैं. लेकिन हम इस पर सुनवाई नहीं कर सकते. इस तरह का आदेश देना कोर्ट का काम नहीं है. आप को सरकार के पास अपनी मांग रखनी चाहिए थी." कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली.</p> <h4>यह भी पढ़ें-</h4> <h4 class="article-title "><a href="https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-s-instructions-to-ministers-work-on-priority-basis-in-electoral-states-1964331">Assembly Elections 2022: पीएम मोदी का मंत्रियों को निर्देश- चुनावी राज्यों में प्राथमिकता के आधार पर करें काम</a></h4> <h4 class="article-title "><a href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-today-india-reports-31-222-new-cases-and-290-deaths-1964294">Coronavirus Today:&nbsp;देश में पिछले 24 घंटों में 31 हजार 222 नए केस दर्ज, 290 लोगों की मौत</a></h4>

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Team My Nation News
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