UP Election: वाराणसी में बोले पीएम मोदी- कोरोना हो या यूक्रेन संकट, सिर्फ नकारात्मक रवैया रखता विपक्ष

<p style="text-align: justify;"><strong>UP Election 2022:</strong> प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने वाराणसी में शनिवार चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सपा, सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम ने कहा कि इस चुनाव में मेरा ये आखिरी सभा है. इस बार का चुनाव सरकार अपने काम पर लड़ रही है. पुरा यूपी एकजुट हो कर कह रहा है आंएगे तो योगी ही, आएगी तो बीजेपी ही. यूपी के लोग घोर परिवारवारवादी को पुरी तरह से नकार चुके हैं. पीएम ने सपा पर बिना नाम लिए निशाना साधा और कहा कि घोर परिवारवादी लोगों ने 5 साल में सिर्फ दंगे कराए &nbsp;थे. लोग कह रहे हैं कि जो यूपी की सेवा कर रहे, वही विकास जारी रखें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संकट और चुनौतियों को हम अवसर में बदलेंगे- पीएम मोदी&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने कहा, "आज एक तरफ डबल इंजन का डबल बेनिफिट है, जिसका लाभ यूपी का हर नागरिक उठा रहा है, दूसरी तरफ घोर परिवारवादियों की कोरी घोषणाएं हैं जो कभी पूरी हो ही नहीं सकती हैं. 21वीं सदी का ये तीसरा दशक पूरी दुनिया के लिए नई चुनौतियां, अभूतपूर्व संकट लेकर आया है. लेकिन भारत ने तय किया है कि इस अभूतपूर्व संकट और चुनौतियों को हम अवसर में बदलेंगे. ये संकल्प सिर्फ मेरा नहीं है, ये हिंदुस्तान के 130 करोड़ नागरिकों का है, आप सभी का है."</p> <p style="text-align: justify;">पीएम मोदी ने विपक्ष पर पलटवार किया और कहा, "जब भी संकट आता है पूरा भारत एकजुटता दिखाता है, लेकिन विपक्ष हर जगह नकारात्मकता दिखाता है. चाहे कोरोना का मामला हो चाहे यूक्रेन संकट का मामला हो. विपक्ष केवल नकारात्मक रवैया रखता है. ये हमने कोरोना के दौरान भी देखा और आज यूक्रेन संकट के दौरान भी हम ये ही अनुभव कर रहे हैं. अंधविरोध, निरंतर विरोध, घोर निराशा, नकारात्मकता यही इनकी राजनीतिक विचारधारा बन चुकी है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong> परिवारवादी हमेशा राजनीतिक हित ढूंढते रहते हैं- पीएम मोदी&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे गांवों की एक शक्ति ये भी है कि जब संकट आता है तब हर काई गिले शिकवे भुलाकर एकजुट हो जाता है. लेकिन देश के सामने कोई चुनौती आती है तो ये घोर परिवारवादी इसमें भी राजनीतिक हित ढूंढते रहते हैं. भारत दो साल से 80 करोड़ से अधिक गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारजनों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है. इस काम को देखकर पूरी दुनिया हैरान है. मुझे खुशी है कि मेरा गरीब खुश है, मेरी गरीब मां मुझे आशीर्वाद दे रही है."</p>

About the Author

Team My Nation News
Team My Nation News