जल्द जेल से बाहर आ सकती हैं दिल्ली दंगों की आरोपी इशरत जहां, 2 साल से हैं सलाखों के पीछे, अब मिली जमानत

<p style="text-align: justify;">दिल्ली दंगों की आरोपी कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने जमानत दे दी है. लेकिन अभी वह जेल से बाहर नहीं आ सकी हैं. इसके पीछे की वजह है दस्तावेजों की वेरिफिकेशन, जिस पर बुधवार दोपहर 2 बजे अदालत के सामने पुलिस रिपोर्ट पेश करेगी. अगर सब कुछ सही रहा तो बुधवार रात तक इशरत जेल से बाहर आ जाएंगी. इशरत के वकील प्रदीप तेवतिया ने इस बात की जानकारी दी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है मामला</strong></p> <p style="text-align: justify;">इशरत जहां के वकील प्रदीप तेवतिया ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने इशरत जहां को दिल्ली दंगों की साजिश में लिप्त होने, चक्का जाम करने आदि के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन्हें फरवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था. इशरत के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और यूएपीए(अन-लॉ फुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट) &nbsp;के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इशरत के खिलाफ आरोप लगाए थे कि दिल्ली दंगों की साजिश में वह सीधे तौर पर शामिल थी और इसे लेकर उन्हें फंडिंग भी की गई थी. इशरत ने चक्का जाम भी किया था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अदालत के सामने ये दी दलील</strong></p> <p style="text-align: justify;">इशरत जहां की ओर से अदालत के समक्ष पेश हुए वकील प्रदीप तेवतिया ने अदालत में दलील दी कि दिल्ली दंगे की किसी भी तरह की साजिश में उनकी मुवक्किल के शामिल होने का कोई भी सबूत सामने नहीं आया और पुलिस ने यूएपीए जैसे गंभीर अपराध में उन्हें झूठे फंसाया है. न तो पुलिस को व्हाट्सऐप ग्रुप में इशरत के जुड़े होने का कोई लिंक मिला और न ही इशरत ने सड़क पर चक्का जाम किया था. जिस जगह पर दंगे हुए थे, वहां पर इशरत की मौजूदगी भी नहीं पाई गई. न ही फंडिंग को लेकर भी इशरत के खिलाफ कोई सबूत पुलिस सामने रख पाई है. अदालत ने हमारी दलालों को सुनने के बाद इशरत को रेगुलर बेल दे दी है. हालांकि अभी उन्हें आरोप मुक्त नहीं किया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुलिस की दलील</strong></p> <p style="text-align: justify;">हालांकि पुलिस की ओर से पेश हुए सरकारी वकील ने अदालत के समक्ष कहा था कि दिल्ली में दंगा कराने की साजिश पहले से रची गई थी और उसमें इशरत जहां की भूमिका भी थी. खुरेजी में जो प्रदर्शन चल रहा था, वो ऐसे ही नहीं हुआ था. वह साजिश कर तहत शुरू किया गया था.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>12 जून 2020 को की थी शादी</strong></p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि इशरत जहां ने गिरफ्तारी के दौरान ही शादी की थी. उनकी शादी 12 जून 2020 को फरहान हाशमी से हुई थी. इसके लिए इशरत को अंतरिम जमानत दी गयी थी. फरहान का कहना है कि इशरत 2 साल से जेल में हैं और अब उन्हें जमानत मिल चुकी है. वेरिफिकेशन आदि की कुछ औपचारिकताएं बची हैं. उम्मीद है कि बुधवार रात तक वह जेल से बाहर आ जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इसे भी पढ़ेंः</strong><br /><a href="https://www.abplive.com/news/india/hijab-ban-row-educational-institutes-plea-moved-supreme-court-challenging-karnataka-hc-order-2082168"><strong>Hijab Ban Row: हिजाब विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को शीर्ष अदालत में दी गई चुनौती</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/nawab-malik-no-bail-from-bombay-hc-bjp-demanded-resignation-asked-government-pressure-from-dawood-ann-2082182"><strong>नवाब मलिक को बॉम्बे HC से नहीं मिली जमानत, बीजेपी ने इस्तीफे की मांग की तेज, सरकार से पूछे ये सवाल</strong></a><br /><br /></p>

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Team My Nation News
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