फांसी का फंदा लगाकर आंध्र प्रदेश की आदिवासी महिलाओं ने किया प्रदर्शन, ये हैं मांगें

<p style="text-align: justify;">आध्र प्रदेश में काजू के बगीचों को बचाने के लिए आदिवासी महिलाओं ने गले में फांसी का फंदा लगाकर विरोध प्रदर्शन किया है. जानकारी के मुताबिक, ये आदिवासी लोग कई दशकों से मुडुगुला मंडल में बंजर जमीन को खेती के लायक बनाकर काजू के पेड़ लगाकर उसकी कमाई से अपने गुजारा करते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इन आदिवासी महिलाओं का आरोप है कि उनसे बिना इजाजत लिए उनके काजू के खेतों को ग्रेनाइट खनन के लिए कंपनियों को लीज पर दे दिया है. इसके अलावा उनका कहना है कि इन बगीचों का उन्होंने मुआवजा भी नहीं चुकाया है जिसके चलते उनका गुजारा मुश्किल हो गया है.&nbsp;</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Andhra Pradesh: Tribal women farmers staged a symbolic protest pretending to hang themselves over the destruction of their cashew plantations by mining company representatives, in Madugula Mandal, Anakapalle district. <a href="https://t.co/SJOgWYZgd6">pic.twitter.com/SJOgWYZgd6</a></p> &mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1512345285296484354?ref_src=twsrc%5Etfw">April 8, 2022</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>गले में फंदा लगाकर किया वोरोध</strong></p> <p style="text-align: justify;">महिलाओं ने कहा कि रेवेन्यू अधिकारी के अनुसार माइनिंग कंपनियों ने आदिवासियों को 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया है लेकिन उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है. महिलाओं का कहना है कि काजू के बगीचों को खत्म कर देना का मतलब उनको फांसी देने जैसा है. बता दें, आदिवासी महिलाएं इस मामले को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं. वहीं, उनकी इस सुनवाई पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई ना होने के कारण उन्होंने साड़ी को पेड़ से बांधते हुए फंदा बनाकर अपने गले में डाल विरोध जताया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">आदिवासी महिलाओं ने साफ किया है कि वो अपना प्रदर्शन लगातार जारी रखेंगे और 11 अप्रैल को वो अनाकापल्ली कलेकट्रेट में विरोध जताएंगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें.</strong></p>

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Team My Nation News
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