Pakistan Afghanistan border clash

Pakistan Afghanistan border clash: पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर फिर भड़की झड़प, ड्रोन हमलों का दावा; TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली

नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान (Pakistan Afghanistan border clash) के बीच सीमा तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 3 बजे पक्तिका प्रांत के तेरवा जिले में दुरंड रेखा के पास दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प शुरू हो गई। ताजा संघर्ष में अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ड्रोन हमलों का दावा, ‘रद अल-जुल्म’ नाम दिया गया

अफगान मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात की सेनाओं ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान स्थित मीरानशाह और स्पिनवाम इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हवाई हमले किए। स्पिनवाम के सैन्य अड्डे पर हमले के बाद आग लगने की भी खबर सामने आई है।

अफगान पक्ष का कहना है कि इन ड्रोन हमलों को ‘रद अल-जुल्म’ नाम दिया गया है। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से पिछली रात अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिया प्रांत में की गई बमबारी के जवाब में की गई।

पाकिस्तान का दावा – 330 तालिबान लड़ाके मारे गए

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में तालिबान के 330 लड़ाकों को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई अफगान सीमा से हुई फायरिंग के जवाब में की गई।

पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय के अनुसार, सेना ने “तुरंत और प्रभावी जवाब” दिया है और देश की सुरक्षा एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ “खुली जंग” की घोषणा करते हुए कहा कि देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी

इसी बीच तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने सीमा क्षेत्र में हुए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इससे हालात और जटिल हो गए हैं, क्योंकि पाकिस्तान लंबे समय से TTP पर अफगानिस्तान की जमीन से हमले करने का आरोप लगाता रहा है।

ट्रंप का बयान – जरूरत पड़ी तो करेंगे दखल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब अफगानिस्तान की स्थिति पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह हस्तक्षेप करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके “बहुत, बहुत अच्छे” रिश्ते हैं और वहां की सरकार की तारीफ की।

ट्रंप के इस बयान को मौजूदा क्षेत्रीय हालात के बीच पाकिस्तान के समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर बढ़ता खतरा

विश्लेषकों का मानना है कि अफगानिस्तान–पाकिस्तान सीमा पर लगातार बढ़ते संघर्ष से पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है। दुरंड रेखा लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का विषय रही है, और इस तरह की सैन्य कार्रवाई हालात को और बिगाड़ सकती है।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान आने का इंतजार है।

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