हवाना। Cuba में ईस्टर सन्डे के दिन बड़े पैमाने पर बिजली संकट देखने को मिला है। सरकारी बिजली कंपनी Unión Eléctrica (UNE) के अनुसार, रविवार की शाम पीक डिमांड के समय देश का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा अंधेरे में डूब सकता है। UNE के अनुमान के मुताबिक, इस दिन लगभग 57.4% क्षेत्र प्रभावित रहेगा। बिजली उत्पादन और मांग के बीच भारी अंतर के चलते यह स्थिति बनी है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,278 मेगावाट उत्पादन क्षमता के मुकाबले 3,000 मेगावाट की मांग है, जिससे करीब 1,722 मेगावाट की कमी दर्ज की गई है।
पुरानी बिजली व्यवस्था बनी संकट की जड़
क्यूबा की जर्जर और पुरानी बिजली व्यवस्था इस संकट की मुख्य वजह बताई जा रही है। वर्तमान में देश की 16 में से 7 बिजली उत्पादन इकाइयां खराबी या रखरखाव के कारण बंद हैं। पिछले कुछ महीनों से क्यूबा के नागरिक लंबे बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं, जो कई बार 20 घंटे से अधिक तक जारी रहती है। मार्च महीने में तो राष्ट्रीय ग्रिड दो बार पूरी तरह ठप हो गया था।
बढ़ते विरोध और प्रदर्शन
लगातार हो रहे बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी को बढ़ा दिया है। इसी कारण हाल के महीनों में क्यूबा में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और “कसेरोलाज़ो” (बर्तन बजाकर विरोध) देखने को मिले हैं। Observatorio Cubano de Conflictos (OCC) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में देशभर में 1,245 विरोध, शिकायतें और नागरिक कार्रवाइयां दर्ज की गईं, जो पिछले महीने के मुकाबले 4.8% अधिक हैं।
रूस से तेल आपूर्ति, लेकिन राहत अस्थायी
इस बीच, क्यूबा की सरकारी तेल कंपनी CUPET ने बताया कि रूस से आया तेल टैंकर ‘Anatoly Kolodkin’ मातांज़ास बंदरगाह पर 100,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल उतार चुका है। हालांकि, ऊर्जा विशेषज्ञ Jorge Piñón का कहना है कि यह आपूर्ति केवल 5 से 6 दिन की अस्थायी राहत दे सकती है। उनके अनुसार, क्यूबा का असली संकट ईंधन की कमी नहीं, बल्कि थर्मोइलेक्ट्रिक प्लांट्स की खराब हालत है।
अमेरिका और रूस के बीच संतुलन
इस तेल आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। अमेरिका ने इस टैंकर को मानवीय जरूरतों के तहत आने की अनुमति दी है, हालांकि उसने क्यूबा पर अपनी प्रतिबंध नीति में कोई बदलाव नहीं किया है।
About the Author

-
ज्योति सिंह ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत एक क्षेत्रीय न्यूज़ प्लेटफॉर्म से की, जहाँ उन्होंने रिपोर्टिंग की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों में अनुभव हासिल किया।
पिछले 15 वर्षों के अपने व्यापक पत्रकारिता अनुभव में ज्योति सिंह ने राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन कवरेज की है। विशेष रूप से राजनीतिक घटनाक्रम और नीतिगत विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
वर्तमान में ज्योति सिंह My Nation News में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। यहाँ वह प्रमुख राजनीतिक खबरों, विशेष रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक स्टोरीज़ पर काम करते हुए संपादकीय टीम को अपनी अनुभवी दृष्टि से सशक्त बना रही हैं।
मीडिया जगत में डेढ़ दशक की सक्रियता के साथ ज्योति सिंह ने निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान स्थापित की है।
Latest entries
BREAKING NEWSMay 14, 2026राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भाजपा का हमला, 22 साल में 54 विदेश दौरे और 60 करोड़ खर्च का दावा
BREAKING NEWSMay 10, 2026भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से 7 ज्योतिर्लिंग एवं दक्षिण भारत यात्रा का सुनहरा मौका
INDIAMay 5, 2026यूपी रेरा 10वें वर्ष में प्रवेश, हर साल 1 मई को ‘रेरा दिवस’ मनाने का निर्णय
GAUTAM BUDDHA NAGARApril 29, 2026भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल: परी चौक पर लगा प्याऊ, राहगीरों को मिल रही ठंडे पानी की राहत






