गौतमबुद्ध नगर। देश की हाईटेक सिटी के रूप में पहचान रखने वाला नोएडा आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। इसका ताजा उदाहरण सेक्टर-49 स्थित ग्राम बरौला में देखने को मिल रहा है, जहां केडी पब्लिक स्कूल के आसपास की सड़कें लंबे समय से जलभराव, टूटी नालियों और बदहाल सीवर व्यवस्था की समस्या का सामना कर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वर्षों से शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
चौंकना मत उत्तर प्रदेश में कोई कस्बा गांव की गली नहीं है यह रोड नहीं है यह हाइटेक सिटी नोएडा सेक्टर 49 ग्राम बरौला केडी पब्लिक स्कूल जो नोएडा प्राधिकरण के कार्य क्षेत्र में आती है लेकिन यहां के सांसद और विधायक और आदरणीय मुख्यमंत्री जी ने मना कर रखा है कि बरौला गांव से पूरी… pic.twitter.com/hk8EIp4lVj
— गर्व है हम फुटपाथ के व्यापारी हैं (@shyamguptarpswa) June 12, 2026
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र में आने वाला यह इलाका विकास कार्यों की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। सड़क पर जमा गंदा पानी, खुले सीवर और कीचड़ न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग पांच वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। कई बार अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया, फाइलें तैयार हुईं और आश्वासन भी दिए गए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य दिखाई नहीं देता। लोगों का आरोप है कि कागजों में योजनाएं पूरी दिखा दी जाती हैं, जबकि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
केडी पब्लिक स्कूल के आसपास सड़क पर भरे गंदे पानी के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि क्षेत्र के विधायक पंकज सिंह और सांसद डॉ. महेश शर्मा को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र के नोडल अधिकारी के स्तर पर भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
बरौला गांव के निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सीवर लाइन, जल निकासी व्यवस्था और सड़क मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि हाईटेक सिटी की पहचान तभी सार्थक होगी, जब गांव और आवासीय क्षेत्रों को भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनआंदोलन और प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। गांव के लोगों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास कार्यों की जरूरत है।
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