Glasgow COP26: संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भारत की कूटनीतिक जीत, कोयले के इस्तेमाल को लेकर दुनिया ने मानी बात

<p style="text-align: justify;"><strong>Glasgow COP26:</strong> संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP26 में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है. कई दिनों की बातचीत के बाद भारत ने शनिवार को ‘फेज आउट’ के बजाय कोयले को ‘फेज डाउन’ में शामिल करने के लिए दुनिया को समझाने में कामयाबी हासिल की. भारत ने अंततः COP26 के मसौदे का समर्थन किया जिसे लगभग 200 देशों ने पारित किया था. अमेरिकी जलवायु प्रमुख जॉन केरी ने यह कहते हुए ग्लासगो मसौदे का बचाव किया कि "यह जलवायु परिवर्तन के लिए अंतिम प्रयास नहीं है. हमें प्रदूषण मुक्त रहने की आवश्यकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत की कूटनीतिक जीत</strong></p> <p style="text-align: justify;">भारत की ओर से दिए गए सुझाव के बाद ग्लासगो क्लाइमेट समझौते पर दुनिया के देशों ने मुहर लगा दी. भारत समेत कई विकासशील देशों द्वारा किए गए हस्तक्षेप के बाद कई दौर की बातचीत हुई और आखिर में 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान में कमी लाने को लेकर सहमति बन गई. समझौते के मुताबिक कोयले का प्रयोग धीरे-धीरे कम करने की बात है. जबकि इससे पहले प्रस्ताव में कोयले के इस्तेमाल और जीवाश्म ईंधन में सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की बात कही गई थी. ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, तुर्की, कोलंबिया, इंडोनेशिया और जापान को इस समझौते का समर्थन करते हुए देखना उत्साहजनक है. यह उनके पहले के रुख में एक अहम बदलाव का संकेत देता है.<br />&nbsp;<br /><strong>तापमान कम करने का लक्ष्य</strong></p> <p style="text-align: justify;">ग्लोबल वार्मिंग लक्ष्य को जीवित रखने के मकसद से से ग्लासगो में हुए जलवायु समझौते के तहत 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के लक्ष्य को हासिल करने का उद्देश्य रखा गया है. भारत और चीन ने आखिरी वक्त में कोयले और जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने यानी फेज आउट की शब्दावली में परिवर्तन कराकर चरणबद्ध तरीके से कम करने (फेज डाउन) की बात शामिल करने में सफलता हासिल कर ली.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि जलवायु परिवर्तन की रोकथाम के लिए अंतिम मसौदे में कोयले और जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के संदर्भ में तीखे मतभेद सामने आए थे. भारत, चीन और ईरान, वेनेज़ुएला और क्यूबा सहित कई अन्य विकासशील देशों ने इस प्रावधान पर आपत्ति जताई थी, जिसमें देशों से निरंतर कोयला बिजली और अक्षम जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने करने के प्रयासों में गति लाने के लिए अपील की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Bitcoin News: कांग्रेस के आरोपों पर BJP का पलटवार, कहा- कोई बिटकॉइन घोटाला नहीं हुआ" href="https://www.abplive.com/news/india/bitcoin-news-no-bitcoin-scam-says-bjp-bengaluru-police-denies-foul-play-in-investigation-1997728" target="">Bitcoin News: कांग्रेस के आरोपों पर BJP का पलटवार, कहा- कोई बिटकॉइन घोटाला नहीं हुआ</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus Today: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 11 हजार 271 नए केस दर्ज, 285 लोगों की मौत" href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-today-india-reports-11-271-covid-19-cases-and-285-deaths-1997726" target="">Coronavirus Today: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 11 हजार 271 नए केस दर्ज, 285 लोगों की मौत</a></strong></p>

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Team My Nation News
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