राजेंद्र यादव
नई दिल्ली। अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं और हिन्दुओं की धार्मिक परंपराओं की धज्जियां उडाना जाती हैं। ‘पीके’ जैसी फिल्में या ‘पाताललोक’ जैसी वेबसीरिज बॉलीवुड का हिन्दू धर्म पर अत्यंत ही नियोजित तरीके से आघात करने का षड्यंत्र है। यह बातें बॉलीवुड की फिल्म अभिनेत्री पायल रोहतगी (Payal Rohatgi) ने रविवार को सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के तत्त्वावधान में आयोजित ‘चर्चा हिन्दू राष्ट्र की’ के ऑनलाइन परिसंवाद शृंखला के ‘हिन्दू विरोधी ‘बॉलीवुड’ का पर्दाफाश’ विषय पर ‘विशेष संवाद’के दौरान कहीं।
पायल रोहतगी (Payal Rohatgi) ने आगे कहा कि हिन्दू समाज इस विषय पर कभी आवाज नहीं उठाता, इसलिए ‘बॉलीवुड’ में हिन्दू द्रोह को बढ़ावा मिल रहा है। ब्राह्मण को कपटी और बलात्कारी दिखाना, भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं इत्यादि, ऐसा दिखाकर समाज का ‘ब्रेनवॉश’ किया जा रहा है। इसके अलावा फिल्मजगत की अभिनेत्री (Payal Rohatgi) ने चर्चा के दौरान सभी बॉलीवुड वालों से पूछा कि जय श्रीराम के जयघोष की अपकीर्ति करने वाले बॉलीवुड के लोग आतंकवादियों की विशिष्ट घोषणाओं के विषय में क्यों नहीं बोलते? ‘तीन तलाक’ के विषय में क्यों नहीं बोलते?
संवाद की शुरुआत फिल्म, धारावाहिक, ‘वेबसीरिज’ के माध्यम से सुनियोजित ढंग से हिन्दू धर्म और समाज की अपकीर्ति करने वाले वीडियोे दिखाकर की गई। इस ऑनलाइन संवाद को यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से 4 लाख से भी अधिक लोग देख चुके हैं और लाइव प्रसारण देखने के लिए एक लाख से भी अधिक लोग ऑनलाइन उपलब्ध रहे। बता दें कि ट्विटर पर #Censor_Web_Series द्वारा इस विषय पर 1 लाख से भी अधिक ट्वीट्स कर समर्थन किया गया जो कुछ ही समय में ट्विटर पर पहले नंबर पर ट्रेंड कर रहा था।
संवाद में सहभागी रहे सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष झा ने कहा कि बॉलीवुड जिहादियों का अड्डा बन गया है और यहां ‘लव जिहाद’ कों सींचा जाता है। भारत के इस्लामीकरण करने के षड्यंत्र में बॉलीवुड का सबसे बड़ा हाथ है। हाजी मस्तान, दाऊद इब्राहिम जैसे ‘अंडरवर्ल्ड’ के गुंडों ने ‘बॉलीवुड’ में पैसा लगाकर सुनियोजित ढंग से ‘खानों’ को स्थापित किया है। बॉलीवुड के इस जिहादी अंग की एनआईए द्वारा पूछताछ होनी चाहिए ।
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फिल्म और सामाजिक प्रसार माध्यम में हिन्दु हनन रोकनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठ रमेश सोलंकी बोले की बॉलीवुड असल में ‘डी गैंग’ का पैसा सफेद करने का माध्यम है। मनोरंजन के लिए निर्मल हास्य-विनोद न करते हुए हिन्दू धर्म और परम्पराओं पर अश्लील विनोद किया जाता है। इसके विरोध में हिन्दुओं को संगठित लड़ाई लड़नी होगी ।
हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘जिस रजा अकादमी ने मुंबई में वर्ष 2012 में दंगे करवाए थे, उसकी मांग ‘मुहम्मद: द मेसेंजर ऑफ गॉड’ इस फिल्म पर बंदी लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत ही सिफारिश की, लेकिन हिन्दू धर्म पर आघात करने वाली फिल्मों का हिन्दुओं द्वारा लगातार विरोध करने पर भी सरकार कोई कार्यवाही नहीं करती है। कानून का बंधन न होने से ‘ओटीटी’ प्लैटफॉर्म्स पर अत्यंत आक्षेपजनक, हिन्दू-विरोधी, देश-विरोधी एवं सैन्य-विरोधी ‘वेबसीरिज’ प्रसारित हो रही है। ‘कोर्ट मार्शल’, ‘कोड एम’ जैसी वेबसीरिज में तो भारतीय सेना को समलैंगिक तक दिखाया है। सरकार ने ऐसी ‘वेबसीरिज’ एवं ‘ओटीटी प्लैटफॉर्म्स’ को केंद्रीय फिल्म परिनिरीक्षण मंडल के नियंत्रण में लाना चाहिए ।
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