JAM PROBLEM: जाम की समस्या से प्रशासन ने बन्द की आंख

 

सुलतानपुर। कोरोना संक्रमण के दौरान लगने वाले जाम (Jam) की अनदेखी बहुत महंगी हो सकती है। प्रशासन ने इस ओर अपनी आंख बंद कर ली है। शहर के मुख्य स्थानों ओर लॉकडाउन खुलने के बाद बहुत बार जाम (Jam) की स्थित बनी जबकि फिजिकल डिस्टैन्सिंग के सारे नियम टूट गए। मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने कोरोना संक्रमण के दौरान लगने वाले जाम (Jam) को बहुत खतरनाक बताया है।

उनका कहना है कि जाम (Jam) के लिए बहुत हद तक प्रशासन ही जिम्मेदार है। ऐसे बहुत से शॉपिंग काम्प्लेक्स हैं जहां बड़ी संख्या में लोगों का आना जाना होता है। पर उन शॉपिंग काम्प्लेक्स में पार्किंग स्थल का कामर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्किंग स्थल है ही नही, अगर है तो अपर्याप्त है। जिस कारण वहां आने जाने वाले लोगों को सड़क किनारे गाड़ी पार्क करना पड़ता है। इस तरह दोनों किनारों पर लगे गाड़ियों के तांते के चलते बहुत बड़ा जाम लग जाता है। इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए 10 महीने पहले एक शिकायती पत्र दिया था। जिस पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका ने कहा था कि ऐसे शॉपिंग कॉम्लेक्स चिन्हित किये जा रहे है। चिन्हित होने के बाद कानूनी कार्यवाही की जाएगी। परंतु अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने की सूचना नही है।

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श्री सिंह ने आगे कहा कि कार्यवाही न होने के कारण कोरोना संक्रमण के दौरान यह स्थित बदस्तूर जारी है, जिसके चलते कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसी के साथ अवैध टैक्सी स्टैंड जगह जगह बने हुए है। एक बहुत मशहूर ट्रैवेल एजेंसी की गाड़ियां तिकोनिया पार्क पर लाइन से खड़ी रहती है कोई बोलने वाला नही है। इसी तरह रुद्रनगर, गोलाघट, गभड़िया आदि स्थानों का हाल है।

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Team My Nation News
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