Nisha Dahiya News: हरियाणा के सोनीपत में कुश्ती खिलाड़ी निशा दहिया की नहीं हुई हत्या, वीडियो जारी कर बताया सच

<p style="text-align: justify;"><strong>Nisha Dahiya Murder:</strong> हरियाणा के सोनीपत में नेशनल लेवल की कुश्ती प्लेयर निशा दहिया सही-सलामत हैं. उनकी हत्या नहीं हुई है. जिसकी हत्या हुई वह भी निशा दहिया ही हैं लेकिन PM<br />ने जिसको बधाई दी थी ये निशा वो नहीं हैं. यूनिवर्सिटी लेवल पर मेडल जीतने वाली निशा दहिया हलालपुर गांव की रेसलर है. पहले खबर आई थी कि निशा दहिया, उनके भाई और मां को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. लेकिन बाद में नेशनल लेवल कुश्ती प्लेयर निशा ने वीडियो जारी कर बताया कि वह सही-सलामत हैं. गौरतलब है कि पीएम ने सुबह ही निशा को बधाई दी थी. बता दें कि 65 किलो वर्ग में निशा ने सीनियर अंडर 23 वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप 2021 में कांस्य पदक जीता था. इसके बाद पीएम ने निशा समेत अन्य खिलाड़ियों को बधाई दी थी.&nbsp;</p> <p dir="ltr" lang="en">Congratulations to Shivani, Anju, Divya, Radhika and Nisha for winning medals at the Wrestling Championships in Belgrade. Their performance is special and will contribute to wrestling becoming even more popular across India. <a href="https://t.co/pI6aByu2ZB">https://t.co/pI6aByu2ZB</a></p> <p style="text-align: justify;">&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1458284093385236488?ref_src=twsrc%5Etfw">November 10, 2021</a><br /><br /><strong>ऐसा है निशा का करियर</strong></p> <p>निशा दहिया ने साल 2014 में श्रीनगर में कैडेट नेशनल चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद उन्होंने अगले साल भी यही कारनामा दोहराया. साल 2014 में उन्होंने पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता. एशियन चैम्पियनशिप में उन्होंने 49किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता था. इसके बाद अगले साल उन्होंने 60 किलो वर्ग में सिल्वर मेडल जीता. साल 2015 में नेशनल चैम्पियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया. कांस्य पदक जीतने के बाद मेल्डोनियम लेने के कारण वह पॉजिटिव पाई गईं. यह एक ड्रग होता है, जिसे वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी ने साल 2016 में बैन कर दिया था. इसके बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया. मेलोडियम वही ड्रग है, जिसके कारण टेनिस सुपरस्टार मारिया शारापोवा के लिए मुसीबतें बढ़ गई थीं.&nbsp;</p> <p><strong>2019 में किया था कमबैक</strong></p> <p>साल 2015 में कैडेट मेडल्स और नेशनल चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें रेलवे में नौकरी मिलने वाली थी. लेकिन डोपिंग बैन के कारण वह मौका उनके हाथ से निकल गया. हालांकि साल 2019 में निशा ने कमबैक किया और अक्टूबर में यू-23 नेशनल चैम्पियनशिप में उन्होंने जालंधर में 65 किलोवर्ग में गोल्ड मेडल जीता. बैन की अवधि के दौरान निशा ने खेल छोड़ने के बारे में सोचा. धीरे-धीरे उनके दोस्तों ने उनका साथ छोड़ दिया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वापसी की.&nbsp;बैन के दौरान रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक ने उनका समर्थन किया. उन्होंने रोहतक में साक्षी के साथ ट्रेनिंग ली और साक्षी के साथ ही नेशनल कैंप में भी हिस्सा लिया.&nbsp;</p> <p><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p><strong><a title="Nana Patole की मांग- देवेंद्र फडणवीस और नवाब मलिक के आरोपों की हो जांच, महाराष्ट्र की हो रही बदनामी" href="https://www.abplive.com/news/politics/maharashtra-political-situation-is-terrible-right-now-demands-probe-congress-leader-nana-patole-1995587" target="">Nana Patole की मांग- देवेंद्र फडणवीस और नवाब मलिक के आरोपों की हो जांच, महाराष्ट्र की हो रही बदनामी</a></strong></p> <p><strong><a title="’यूपी में पुलिस अत्याचार की महामारी है’, कस्टडी में युवक की मौत के बाद योगी सरकार पर बरसे Owaisi-Akhilesh" href="https://www.abplive.com/news/aimim-chief-asaduddin-owaisi-sp-chief-akhilesh-yadav-attacks-up-yogi-govt-after-youth-died-in-police-custody-in-kasganj-1995595" target="">’यूपी में पुलिस अत्याचार की महामारी है’, कस्टडी में युवक की मौत के बाद योगी सरकार पर बरसे Owaisi-Akhilesh</a></strong></p> <p>&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/Qvu7kM_Q7vU" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>

About the Author

Team My Nation News
Team My Nation News