अमेजॉन प्राइम, नेटफ्लिक्स, अल्ट बालाजी, जी5 जैसे अनेक OTT ऐप्स पर नए-नए वेब सीरिज आते रहते है जो बिना किसी प्रमाणपत्र या सेन्सर किए रिलीज किए जाते है। सेन्सॉर न होने के कारण इनमें अश्लीलता, गाली-गलौच का उपयोग, व्यसनाधीनता, हिंसा प्रचुर मात्रा में दिखाई जाती है।
सुलतानपुर। अलग-अलग OTT स्ट्रीमिंग ऐप्स पर दिखाई जाने वाली वेब सीरीज में परोसी जा रही अश्लीलता, गाली-गलौच और गुंडागर्दी पर रोक लगाने की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यह वेब सीरीज समाज के लिए घातक हैं। युवाओं तथा किशोरों को गलत रास्ता दिखाने वाली इन फिल्मों पर अविलम्ब रोक लगना चाहिए। लोगों का कहना है कि इस तरह की सीरीज में गुंडा माफियाओं के जीवन चरित्र का वर्णन इस प्रकार किया जाता है कि आज का युवा भ्रमित हो गलत रास्ते अख्तियार कर सकता है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिषेक सिंह ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की है और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांग की है कि समाज के लिए घातक इस प्रकार की वेब सीरीज पर अविलम्ब रोक लगाएं। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेजॉन प्राइम, नेटफ्लिक्स, अल्ट बालाजी, जी5 जैसे अनेक OTT ऐप्स बहुत प्रचलित हुए है जिनपर नए नए वेब सीरिज आते रहते है। यह वेब सीरिज बिना किसी प्रमाणपत्र या सेन्सर किए रिलीज किए जाते है । सेन्सर न होने के कारण इनमें अश्लीलता, गाली-गलौच का उपयोग, व्यसनाधीनता, हिंसा प्रचुर मात्रा में दिखाई जाती है।
मानवाधिकार कार्यकर्त्ता अभिषेक सिंह ने आगे बताया कि भारत मे हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रतिदिन महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ रही हैं। बलात्कार के मामलों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे समय में भोगवादी समाज निर्माण हो, नैतिकता, संस्कार समाप्त हो, व्यभिचार और स्वैराचार बढे, ऐसे कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं । यह बहुत दुखद है व इसे अविलम्ब रोका जाना चाहिए।

श्री सिंह ने मांग की है कि इन OTT प्लॅटफॉर्म्स पर कोई भी वेब सीरीज दिखाने से पहले फिल्म्स की तरह इनका भी सेन्सर हों, साथ ही एक परिनिरीक्षण बोर्ड (सेन्सर बार्ड) की स्थापना की जाए जो स्वतंत्र रूप से वेब सीरीज की पड़ताल कर उसे अनुमती देना है या नहीं यह तय करेगी। साथ ही बच्चों तक हिंसा, व्यवसनाधीनता तथा पोर्न दिखाने वाली वेब सीरीज ना पहुंचे, इसके लिए भी कुछ नियम बनाने चाहिए। गौरतलब है कि OTT प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप के लिए देश भर में बहुत से संगठनों द्वारा लगातार आवाज उठायी जा रही है।
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अश्लील वेब सीरीज बन्द करने की प्रधानमंत्री पोर्टल पर मांग
अश्लील वेब सीरीज पर पाबंदी लग सके इस विषय मे प्रधानमंत्री पोर्टल पर और सूचना प्रसारण मंत्रालय में मांग की गयी है। मांग है कि वेब सीरीज के लिए अलग से सेंसर बोर्ड का गठन हो जो यह तय करे कि फ़िल्म प्रदर्शन योग्य है या नही। युवाओं और किशोरों को इस प्रकार की सीरीज जिनसे उनके मन पर बुरा प्रभाव पड़े उनकी पकड़ से दूर रखने के भी प्रबन्ध हों।
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