CORONIL UPDATE:
- सरकार ने कहा – इम्युनिटी बूस्टर बनाने का दिया था लाइसेंस
- ड्रग्स लाइसेंस अथॉरिटी की ओर से पतंजलि को जारी होगा जाएगा नोटिस
- पतंजलि में योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण ने मंगलवार दोपहर लांच की थी दवा
संवाददाता: देवेंद्र ठाकुर
नई दिल्ली। पतंजलि की ओर से कोरोनावायरस संक्रमण की दवा बताकर लॉन्च की गई कोरोनिल (Coronil) और श्वासारि दवा विवादों के घेरे में आ गई है। केंद्रीय मंत्रालय की ओर से दवा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने और उत्तराखंड सरकार से इस संबंध में जवाब-तलब करने के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने इससे किनारा कर लिया है। प्रदेश के आयुष विभाग ने बताया कि पतंजलि को इम्युनिटी बूस्टर बनाने का लाइसेंस दिया गया था, न कि कोविड 19 की दवा बनाने का। दवा की किट का विज्ञापन क्यों किया गया इसकी जांच की जाएगी।
आयुर्वेद ड्रग्स लाइसेंस अथॉरिटी के चीफ डॉ.वाईएस रावत का कहना है कि पतंजलि को इम्युनिटी बूस्टर और बुखार, खांसी की दवा बनाने का लाइसेंस दिया गया था। कोरोना दवा बनाने का कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है। इस पर पतंजलि को नोटिस जारी किया जाएगा। पतंजलि इस दवा का कोई विज्ञापन नहीं कर सकती है। वहीं, केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से दवा के प्रचार प्रसार पर रोक लगाने के संबंध में आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि हमारी दवा और दावा दोनों पूरी तरह सही हैं। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इनसे जुड़ी कुछ जानकारियां मांगी थीं, जो उपलब्ध करा दी हैं।
आयुष विभाग की ओर से दवा के प्रचार प्रसार पर रोक लगाने के संबंध में हमारी दवा और किया गया दावा दोनों पूरी तरह सही हैं। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इनसे जुड़ी कुछ जानकारियां मांगी थीं, जो उपलब्ध करा दी गई हैं।
“आयुष मंत्रालय की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पतंजलि को इम्युनिटी बूस्टर बनाने का लाइसेंस दिया गया था। मंत्रालय की ओर से लाइसेंस संबंधित कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया हैं। वहीं, विभाग की ओर से पतंजलि को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।” -आनंद स्वरूप, निदेशक, आयुर्वेद विभाग
बताते चले कि मंगलवार सुबह योगगुरु की पतंजलि टीम ने जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बनाई गई दवा (Coronil) को कोरोना के इलाज के दावे के साथ लांच किया। दावा किया गया है कि यह दवा (Coronil) कोरोना संक्रमण के मामलों में तीन दिन में करीब 69 फीसद और सात दिनों में सौ फीसद पॉज़िटिव रिज़ल्ट देती है। इस दौरान स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण समेत निम्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति प्रो.बलबीर सिंह तोमर मौजूद रहे।
आचार्य बालकृष्ण द्वारा दावा किया गया है कि दिल्ली, अहमदाबाद और मेरठ से लेकर देश के विभिन्न शहरों में दो स्तरों पर दवाओं की क्लिनिकल केस स्टडी सरकारी और निजी तौर पर की गई है। क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया (सीटीआरआई) से आदेश लेकर सरकार के सभी मानकों का पालन कर दवा का सफल ट्रायल किया गया है। निम्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ.बलवीर एस तोमर ने कहा कि इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी की संस्तुति से लेकर रजिस्ट्रेशन और क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। बताया कि कोविड 19 के सैकड़ों मरीजों पर इसका सफल परीक्षण किया गया।
कोविड 19 महामारी से मरीजों को ठीक करने के दावों को लेकर केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद से स्पष्टीकरण मांगा है। मंगलवार को मंत्रालय की ओर जारी बयान में कहा है कि पतंजलि के दावों को लेकर मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं है। खबरों के माध्यम से मंत्रालय को इसकी जानकर है। इसलिए मंत्रालय ने दवा के दावों के प्रचार पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से दवा में मिलाने वाले केमिकल की पूरी जानकारी, रिसर्च, प्रोटोकॉल, मरीजों की पहचान (जिन पर अध्ययन हुआ), सीटीआरआई पंजीयन, अध्ययन के परिणाम इत्यादि की जानकारी जल्द से जल्द देने के लिए कहा है। उत्तराखंड राज्य लाइसेंस प्राधिकरण से लाइसेंस और दवा को मंजूरी देने संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही जब तक कागजात की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दवा के विज्ञापन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
देश और दुनिया से जुड़ी हमारी सभी खबरों को अंग्रेजी भाषा में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
About the Author

Latest entries
BIOGRAPHYApril 2, 2026Zoya Rathore: भारत की नंबर वन एडल्ट कंन्टेंट स्टार, जानें फुल बायोग्राफी..
BIOGRAPHYApril 1, 2026Tejaswini Prabhakar Gowda कौन है ये तेजी से पॉपुलर हो रहीं एडल्ट वेबसीरीज ऐक्ट्रेस? पढ़ें पूरी बायोग्राफी..
BUSINESSMarch 30, 2026iPhone 18 Pro सीरीज़ जल्द होगा लॉन्च! डिजाइन, फीचर्स, कीमत और लॉन्च डेट का बड़ा अपडेट
EDUCATIONMarch 6, 2026डॉ. गरिमा भारद्वाज को Indian Women in Education & Nation Building Leadership Awards 2026 से सम्मानित किया गया




