- डीएम के आदेश पर हुई जांच, उपजिलाधिकारी व खण्ड शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता एवं गबन की पुष्टि हुई है
- कागज पर चल रहे इस फर्जी स्कूल के प्रिंसिपल की मान्यता मिलने के 20 साल पहले मौत हो चुकी है
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की लम्भुआ तहसील के कोथरा निवासी संतोष कुमार सिंह द्वारा बिना भवन महज कागज पर स्कूल चलाकर करोड़ो का घोटाला सामने आया है और दो वर्ष पूर्व (2018) में डीएम के आदेश पर हुई जांच रिपोर्ट आने के बाद भी विभागीय अधिकारी लगातार कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं।
मामला रामरती सिंह जूनियर हाईस्कूल कोथराकला का है। वर्ष 2007 में स्कूल प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने अपने स्कूल की मान्यता ली। मान्यता के समय न तो कोई स्कूल था और न ही कोई भवन था, सिर्फ कागजों में स्कूल चला के 2007 से अब तक अल्पसंख्यक कल्याण से करोड़ो की छात्रवृत्ति का घोटाला किया है जिसकी शिकायत संतोष सिंह के सगे भाई शत्रुघन सिंह ने जिलाधिकारी से किया कि संतोष कुमार सिंह जो कि रामरती सिंह जूनियर हाई स्कूल कोथराकला के मैनेजर है उन्होंने सिर्फ कागज में स्कूल दिखा के करोड़ो का गबन किया है। उक्त स्कूल की कोई बिल्डिंग भी नहीं है और स्कूल के वर्तमान प्रधानाध्यापक की मान्यता के लगभग 20 साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
उक्त प्रकरण की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को सौंपा। जिला बेसिक शिक्षाअधिकारी ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाकर रिपोर्ट एक सप्ताह के अन्दर देने का आदेश दिया। उक्त आदेश के क्रम में खण्ड शिक्षाधिकारी लम्भुआ और खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर कमैचा ने जांच किया और अपनी रिपोर्ट पत्रांक 335/18 दिनांक 22-11-2018 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौप दिया जिसमे जांच कमेटी ने स्पस्ट उल्लेख किया है कि कोथराकला में इस नाम का कोई भी विद्यालय संचालित / स्थापित नही है और प्रबंधक संतोष कुमार सिंह सुत अवधेश कुमार सिंह निवासी कोथराकला द्वारा सिर्फ कागजों में ही विद्यालय चलाया जा रहा है।
इन सबमें सब से चौकाने वाली बात यह है कि कथित विद्यालय में जिस सरोज सिंह नाम की महिला को प्रधानाध्यापक बनाकर उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जगह जगह पत्राचार किया गया और लाखों की समाजकल्याण / अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति व विधायक निधि की धनराशि का आहरण किया गया, साक्ष के आधार पर उस सरोज सिंह की मृत्यु मान्यता प्राप्त के लगभग 20 वर्ष पहले हो चुकी है।
उक्त प्रकरण की जाँच तत्कालीन जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी लम्भुआ से भी कराई थी। उपजिलाधिकारी लम्भुआ ने भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट में कहा है कि इस नाम का कोई भी विद्यालय कोथराकला में न कभी था और न संचालित हो रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है आरोपी का सत्ता पक्ष के कुछ नेताओ से काफी अच्छा सम्बन्ध है जिसके चलते करोड़ों का ग़बन करने के बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा सकी है जो फिलहाल चिंता का विषय है।
About the Author

Latest entries
GAUTAM BUDDHA NAGARApril 22, 2026नोएडा: डीएम मेधा रूपम ने ESIC अस्पताल सेक्टर-24 का किया निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
BIOGRAPHYApril 2, 2026Zoya Rathore: भारत की नंबर वन एडल्ट कंन्टेंट स्टार, जानें फुल बायोग्राफी..
BIOGRAPHYApril 1, 2026Tejaswini Prabhakar Gowda कौन है ये तेजी से पॉपुलर हो रहीं एडल्ट वेबसीरीज ऐक्ट्रेस? पढ़ें पूरी बायोग्राफी..
BUSINESSMarch 30, 2026iPhone 18 Pro सीरीज़ जल्द होगा लॉन्च! डिजाइन, फीचर्स, कीमत और लॉन्च डेट का बड़ा अपडेट





