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Ambulance Service वालों ने मचाई लूट! गुरुग्राम से लुधियाना के लिए कोरोना मरीज से वसूले 1 लाख 20 हजार

  • कोरोना मरीजों की साँसों और मृतकों की लाशों पर मुनाफाखोरों द्वारा की जा रही लूट से मानवता शर्मसार
  • कोरोना मरीज को इमरजेन्सी में गुरुग्राम से लुधियाना ले जाने के लिए वसूले 1 लाख 20 हजार रुपये
  • जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं की कालाबाजारी ने आम लोगों की कमर तोड़ दी

[avatar user=”Anand Madhav” size=”thumbnail” align=”left”]By Anand Madhav[/avatar]

गुरुग्राम। (Ambulance Service) कोरोना काल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां एक तरफ दवाओं और ऑक्सीजन के अभाव में कोरोना मरीज तड़पते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ मानवता को ताक पर रखकर कोरोना मरीजों की साँसों और मृतकों की लाशों पर जम कर की जा रही मुनाफाखोरी ने बेशर्मी की सभी हदों को पार कर दिया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया जब कोरोना मरीज के परिजनों से 400 के सफर के लिए ऐम्बुलेंस सर्विस (Ambulance Service) के 1 लाख 20 हजार रुपये वसूले गए।

दरअसल सतिंदर कौर नाम की एक बुजुर्ग महिला जब कोरोना से जिंदगी की जंग लड़ रही थी, उस वक़्त उन्हें तुरंत गुरुग्राम से लुधियाना ले जाए जाने की जरूरत थी। तब दिल्ली के कार्डेकेयर एंबुलेस प्राइवेट लिमिलेट के संचालकों ने इस परिवार की मजबूरी का फायदा उठाते हुए बेशर्मी की सभी हदें पार दीं। मरीज को गुरुग्राम से महज लुधियाना ले जाने के लिए परिवार वालों से 1 लाख 20,000 रुपए मांग लिए। हालांकि परिवार वाले पैसे कम कराने के लिए काफी मिन्नतें करते रहे लेकिन ऐम्बुलेंस (Ambulance Service) वालों ने एक भी न सुनी।

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बता दें कि उन्हें अपने मरीजे के लिए हर हाल में वेंटिलेटर सपोर्ट वाली एंबुलेंस (Ambulance Service) चाहिए थी, क्योंकि उन्हें मरीज की जान बचानी थी, और इसीलिए पूरे पैसे देने पड़े। ये मामला 3 मई का है। परिवार ने बताया कि जब तक पैसे नहीं मिले, एंबुलेंस वाला हिलने को राजी नहीं था। बाद में उन्हें ये ये रसीद थमा दी गई।

गुरुग्राम से लुधियाना की दूरी मुश्किल से 400 किलोमीटर है। लेकिन परिवार के लिए ये 400 किलोमीटर का सफर बहुत भारी था। परिजनों की ये भी शिकायत है कि उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नम्बरों पर कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने उनका फोन नहीं उठाया। ऐसे में ने प्राइवेट एंबुलेंसवालों की मनमानी का शिकार हुए। परिवार ने खुद इस रसीद को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया ताकि इस मुनाफाखोरी पर कोई तो लगाम लगाए।

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वहीं इस मामले में एम्बुलेंस एसोसिएशन का कहना है कि उनकी तरफ से ऐसी कोई मनमानी नहीं की जा रही है। अगर किसी ने ऐसा किया है तो वे खुद मामला दर्ज करवाएंगे। वहीं मामला सामने आने के बाद जिला प्रशाशन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

ठीक ऐसा ही एक मामला पिछले महीने 25 अप्रैल को सामने आया था जब एक परिवार से कोरोना मरीज को दिल्ली के पीतमपुरा से शालीमार बाग़ स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल तक ले जाने के लिए 10,000 रुपये लिए गए थे। जबकि पीतमपुरा से फोर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग़ की दूरी महज साढ़े तीन किलोमीटर है।

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Anand Madhav
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